15 May 2026, Fri

Train Ticket Booking: अगर आप भी IRCTC पर करते हैं ये गलती, तो AI तुरंत ब्लॉक कर देगा आपका अकाउंट

IRCTC AI Monitoring System: अब टिकट बुकिंग में नहीं चलेगी चालाकी, रेलवे ने शुरू की AI निगरानी

अगर आप Indian Railway Catering and Tourism Corporation यानी IRCTC ऐप या वेबसाइट से ट्रेन टिकट बुक करते हैं, तो अब पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। भारतीय रेलवे ने टिकट दलालों और अवैध सॉफ्टवेयर पर लगाम लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नया मॉनिटरिंग सिस्टम लागू कर दिया है। इस सिस्टम का मकसद टिकट बुकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और आम यात्रियों को तत्काल टिकट आसानी से उपलब्ध कराना है।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि कुछ लोग ऑटो-फिल सॉफ्टवेयर और स्क्रिप्ट आधारित टूल्स का इस्तेमाल करके कुछ ही सेकंड में तत्काल टिकट बुक कर लेते हैं। इसके कारण आम यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाती थी। अब AI तकनीक की मदद से ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

कैसे काम करेगा नया AI सिस्टम?

IRCTC का नया AI सिस्टम टिकट बुकिंग के दौरान यूजर के व्यवहार को मॉनिटर करेगा। इसमें खासतौर पर यह देखा जाएगा कि यात्री कितनी तेजी से डिटेल्स भर रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई यूजर नाम, उम्र और अन्य जानकारी मात्र 4 से 5 सेकंड में भर देता है, तो सिस्टम उसे संदिग्ध गतिविधि मान सकता है। आमतौर पर इंसानी टाइपिंग में इससे अधिक समय लगता है। इतनी तेज स्पीड अक्सर ऑटो-फिल सॉफ्टवेयर या स्क्रिप्ट के जरिए ही संभव होती है।

यदि सिस्टम को किसी अकाउंट में असामान्य गतिविधि दिखाई देती है, तो उस आईडी को “रेड फ्लैग” कर दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अकाउंट ब्लॉक भी किया जा सकता है।

किन गतिविधियों पर रहेगी नजर?

रेलवे ने साफ किया है कि अब कई तरह की तकनीकी ट्रिक्स AI की निगरानी में रहेंगी।

1. Copy-Paste और Auto Fill

अगर कोई यूजर लगातार कॉपी-पेस्ट या ऑटो-फिल टूल्स का इस्तेमाल करता है, तो AI इसे तुरंत ट्रैक कर सकता है।

2. स्क्रिप्ट आधारित बुकिंग

किसी भी प्रकार के अवैध सॉफ्टवेयर, बॉट या स्क्रिप्ट से टिकट बुक करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।

3. असामान्य टाइपिंग पैटर्न

अब केवल स्पीड ही नहीं, बल्कि टाइपिंग का तरीका और व्यवहार भी मॉनिटर किया जाएगा।

लॉगिन गतिविधियों पर भी नजर

IRCTC का AI सिस्टम सिर्फ टिकट बुकिंग तक सीमित नहीं रहेगा। अब लॉगिन और लॉगआउट पैटर्न भी ट्रैक किए जाएंगे।

यदि कोई यूजर बार-बार लॉगिन और लॉगआउट करता है या एक ही डिवाइस और IP एड्रेस से कई संदिग्ध गतिविधियां पाई जाती हैं, तो उस अकाउंट पर 24 घंटे तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

सिस्टम मोबाइल नंबर, डिवाइस आईडी और आईपी एड्रेस जैसी तकनीकी जानकारी की भी निगरानी करेगा ताकि फर्जी अकाउंट्स और दलालों की पहचान की जा सके।

आम यात्रियों को क्या फायदा होगा?

रेलवे का कहना है कि इस AI आधारित सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा आम यात्रियों को मिलेगा। लंबे समय से तत्काल टिकट बुकिंग में दलालों का दबदबा बना हुआ था, जिससे आम लोगों को टिकट मिलने में परेशानी होती थी।

अब AI निगरानी के जरिए अवैध सॉफ्टवेयर पर रोक लगेगी और टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष बन सकेगी। इससे वास्तविक यात्रियों के लिए तत्काल टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

यात्रियों के लिए सलाह

रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक IRCTC प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें और किसी भी थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर या ऑटो-फिल टूल से बचें। सामान्य तरीके से टिकट बुक करना ही सुरक्षित रहेगा।

भारतीय रेलवे का यह कदम डिजिटल सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जो भविष्य में टिकट बुकिंग अनुभव को और बेहतर बना सकता है।

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