हिमाचल के सिरमौर में दर्दनाक हादसा, छोटे भाई को बचाने में दोनों मासूमों की डूबकर मौत
Himachal Pradesh के सिरमौर जिले से बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां दो सगे भाइयों की पानी में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब बड़ा भाई अपने छोटे भाई को बचाने के लिए पानी में कूद गया, लेकिन दोनों गहरे पानी में समा गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार यह हादसा सिरमौर जिले के संगड़ाह उपमंडल की नौहराधार तहसील के देवामानल गांव में हुआ। मृत बच्चों की पहचान 8 वर्षीय आयन और 9 वर्षीय अभिनव के रूप में हुई है। दोनों सगे भाई थे और गांव के पास स्थित खड्ड के किनारे खेल रहे थे।
छोटे भाई का फिसला पैर
स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों बच्चे खेलते-खेलते खड्ड के किनारे पहुंचे थे। इसी दौरान संकरे रास्ते से गुजरते समय छोटे भाई आयन का पैर अचानक फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। आयन को डूबता देख बड़ा भाई अभिनव घबरा गया और बिना कुछ सोचे-समझे उसे बचाने के लिए तुरंत पानी में कूद पड़ा।
हालांकि पानी काफी गहरा था और दोनों बच्चे खुद को संभाल नहीं पाए। देखते ही देखते दोनों भाई पानी में डूब गए। आसपास मौजूद लोगों को जब तक घटना की जानकारी मिली, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
मौके पर मचा हड़कंप
हादसे की सूचना मिलते ही परिवार के लोग और गांववाले घटनास्थल की ओर दौड़े। स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक दोनों की हालत गंभीर हो चुकी थी।
इसके बाद दोनों बच्चों को तुरंत 108 एंबुलेंस की सहायता से नौहराधार अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के इस बयान के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
गांव में पसरा मातम
दो मासूम भाइयों की एक साथ मौत की खबर से पूरे देवामानल गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांव के लोग इस हादसे से बेहद दुखी हैं। हर कोई बच्चों की मासूमियत और भाईचारे की मिसाल को याद कर भावुक हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ा भाई अभिनव ने अपने छोटे भाई को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की। दोनों भाइयों के बीच गहरा लगाव था और यही लगाव इस दर्दनाक हादसे का कारण बन गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही नौहराधार पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए राजगढ़ भेज दिया है।
तहसीलदार विनोद कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों बच्चों के शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। प्रशासन ने परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।
बरसात के मौसम में बढ़ा खतरा
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात और जलस्तर बढ़ने के दौरान बच्चों को नदी-नालों और खड्डों के पास अकेला न जाने दें। पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह के हादसे अक्सर सामने आते रहते हैं, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि छोटी सी लापरवाही भी कभी-कभी बेहद बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।

