अमेरिका का बड़ा बयान: ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ खत्म, लेकिन होर्मुज संकट जारी – हजारों नाविक फंसे
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने मंगलवार को कहा कि ईरान के खिलाफ चलाया गया सैन्य अभियान “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” अब समाप्त हो चुका है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि क्षेत्र में स्थायी शांति अभी दूर है और स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।
रुबियो ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यह ऑपरेशन 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जिसमें अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई शामिल थी। उनके अनुसार, इस अभियान के सभी घोषित लक्ष्य पूरे कर लिए गए हैं, इसलिए इसे समाप्त कर दिया गया है।
‘हम नए टकराव नहीं चाहते’ – अमेरिका का बयान
मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी नए सैन्य टकराव की ओर नहीं बढ़ना चाहता और उसकी प्राथमिकता शांति स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में जो झड़पें हुई हैं, वे केवल रक्षात्मक प्रतिक्रिया थीं।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका की शर्तों को मानना होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना होगा, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में गंभीर संकट
वर्तमान में Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य) की स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप है। केवल कुछ ही व्यापारिक जहाज आगे बढ़ पाए हैं, जबकि सैकड़ों जहाज अब भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं।
जहाज मालिकों में डर और अनिश्चितता का माहौल है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। यह मार्ग दुनिया की तेल और गैस आपूर्ति के लिए सबसे अहम माना जाता है।
हजारों नाविक फंसे, मानवीय संकट की आशंका
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, फारस की खाड़ी में लगभग 23,000 नागरिक नाविक फंसे हुए हैं, जो 87 देशों से संबंधित हैं। ये नाविक लंबे समय से असुरक्षित परिस्थितियों में फंसे हैं और भोजन व संसाधनों की कमी का सामना कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक कम से कम 10 नाविकों की मौत भी हो चुकी है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। यह संकट अब केवल सैन्य नहीं बल्कि मानवीय आपदा का रूप लेता दिख रहा है।
चीन की भूमिका पर भी नजर
रुबियो ने चीन की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि बीजिंग पर यह जिम्मेदारी बनती है कि वह ईरान पर दबाव बनाए ताकि जलमार्ग दोबारा खोला जा सके। उन्होंने कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था इस रास्ते से गुजरने वाले तेल और गैस पर काफी हद तक निर्भर है, इसलिए यह उसके हित में है कि स्थिति जल्द सामान्य हो।
अमेरिका की रणनीति
अमेरिकी रक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि फिलहाल अमेरिका शांतिपूर्ण तरीके से स्थिति संभालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए तैयार है। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि मौजूदा सीजफायर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
निष्कर्ष
“ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के खत्म होने के बावजूद मिडिल ईस्ट में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, फंसे हुए जहाज और मानवीय संकट इस बात का संकेत हैं कि क्षेत्र में शांति अभी भी दूर है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयास और वैश्विक दबाव इस संकट की दिशा तय करेंगे।

