2 May 2026, Sat

बिरयानी के बाद तरबूज खाने से 4 लोगों की मौत मामला, FDA की प्राथमिक जांच में खाने में कोई हानिकारक पदार्थ नहीं मिला

महाराष्ट्र की राजधानी Mumbai से सामने आए एक दर्दनाक मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस और जांच एजेंसियां हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हैं। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।

मृतकों में 40 वर्षीय अब्दुल्ला दोकाडिया, उनकी पत्नी नसीरीन (35) और उनकी दो बेटियां आयशा (16) व जैनब (13) शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, 26 अप्रैल को अब्दुल्ला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने डॉक्टरों को बताया था कि बिरयानी खाने के बाद जब परिवार ने तरबूज खाया, तो अचानक सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद चारों की मौत हो गई।

घटना के बाद Mumbai Police ने आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में Food and Drug Administration Maharashtra (FDA) ने घर से लिए गए 11 खाद्य सैंपलों की जांच की, जिनमें बिरयानी, तरबूज, कच्चा और पका हुआ चिकन, चावल, मसाले, खजूर, मिट्टी के बर्तन और फ्रिज का पानी शामिल था। इन सभी सैंपलों में किसी भी प्रकार की मिलावट या जहरीले पदार्थ के सबूत नहीं मिले हैं।

हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों के शरीर में मॉर्फीन नामक एक दर्द निवारक दवा के अंश पाए गए हैं। इसके अलावा शरीर के कुछ टिश्यू में असामान्य हरे रंग का बदलाव भी देखा गया, जो किसी संभावित जहरीले पदार्थ की ओर इशारा करता है। हालांकि, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मामले में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने बताया कि Kalina Forensic Laboratory और JJ Hospital से विस्तृत मेडिकल और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यही रिपोर्ट यह साफ करेगी कि मौत का कारण जहर था या कोई अन्य वजह।

इस बीच, जांच में एक और एंगल सामने आया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि अब्दुल्ला किसी बिल्डर से जुड़े धोखाधड़ी मामले में संभावित गवाह थे। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इस जानकारी की अभी पुष्टि की जा रही है और इसे सीधे तौर पर मौत से जोड़ना सही नहीं होगा।

पुलिस ने अब तक कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), डिजिटल कम्युनिकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा की भी जांच की है, लेकिन फिलहाल कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। परिवार के रिश्तेदारों और परिचितों ने भी उन्हें एक खुशहाल परिवार बताया है और किसी तरह के विवाद की बात सामने नहीं आई है।

फॉरेंसिक जांच के शुरुआती चरण में विसरा सैंपल में कुछ अज्ञात बाहरी कण मिलने की बात सामने आई है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ये पदार्थ विषैले हैं, औषधीय हैं या किसी अन्य प्रकृति के हैं।

कुल मिलाकर, यह मामला अब भी रहस्य बना हुआ है। सभी की नजरें टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस दुखद घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सकेगी। तब तक यह घटना कई सवाल छोड़ती है और जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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