25 Apr 2026, Sat

डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ते और हथियारों से लैस कमांडो, पना हाईकोर्ट में ATS की मॉक ड्रिल

पटना हाईकोर्ट में ATS की मॉक ड्रिल, आतंकी हमले जैसी स्थिति का किया गया अभ्यास

पटना: राजधानी पटना स्थित पटना हाईकोर्ट परिसर में शनिवार को उस समय अचानक अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई जब आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS), कमांडो टीम, डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ते की टीमें एक साथ परिसर में पहुंचीं। उनके तेज और समन्वित एक्शन को देखकर कुछ समय के लिए ऐसा लगा जैसे कोई वास्तविक आतंकी घटना हो गई हो, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि यह एक मॉक ड्रिल अभ्यास था।

यह मॉक ड्रिल सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और आपसी समन्वय को परखने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, ताकि किसी भी संभावित आतंकी हमले की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

काल्पनिक आतंकी हमले का किया गया अभ्यास

मॉक ड्रिल के दौरान ATS के जवानों ने एक काल्पनिक आतंकी हमले की स्थिति का सजीव प्रदर्शन किया। इस दौरान परिसर में “आपातकालीन स्थिति” बनाकर सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया का परीक्षण किया गया। डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ते ने संदिग्ध वस्तुओं की जांच की और संभावित खतरे को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया को दर्शाया।

कमांडो टीम ने रणनीतिक तरीके से भवन की घेराबंदी की और रस्सियों के सहारे ऊपरी मंजिलों से नीचे उतरकर आतंकियों को काबू में करने का अभ्यास किया। इस दौरान एक बस की छत पर पहुंचकर आतंकियों को नियंत्रित करने का भी डेमो दिया गया।

बचाव और निकासी का भी अभ्यास

मॉक ड्रिल में यह भी दिखाया गया कि आतंकी स्थिति के दौरान परिसर में मौजूद लोगों को सुरक्षित तरीके से बाहर कैसे निकाला जाता है। सुरक्षा बलों ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।

इसके अलावा, भागने की कोशिश कर रहे एक “काल्पनिक आतंकी” को डॉग स्क्वाड के प्रशिक्षित कुत्ते ने पकड़ने का प्रदर्शन भी किया, जिसे सुरक्षा तकनीक का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की पहल

गौरतलब है कि बिहार के कई न्यायालयों और संवेदनशील स्थलों को पहले भी बम धमकियों की सूचना मिल चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस तरह की मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया ताकि किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को परखा और मजबूत किया जा सके।

अधिकारियों के अनुसार, इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और वास्तविक खतरे की स्थिति में बिना देरी के कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

न्यायाधीशों और अधिकारियों की मौजूदगी

इस मॉक ड्रिल के दौरान पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सहित कई न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया और सुरक्षा बलों की तैयारी की सराहना की।

निष्कर्ष

पटना हाईकोर्ट परिसर में आयोजित यह मॉक ड्रिल सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी और तत्परता का महत्वपूर्ण प्रदर्शन साबित हुई। इस अभ्यास ने यह स्पष्ट किया कि किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पुलिस, ATS और अन्य सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क और सक्षम हैं।

इस तरह के अभ्यास भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे आम नागरिकों और न्यायिक संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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