25 Apr 2026, Sat

कश्मीर सेंट्रल जेल के अंदर पहुंच गए डिजिटल डिवाइस, पुलिस ने छापेमारी में पकड़ा, जांच में होंगे खुलासे

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के तहत एक बड़ा सुरक्षा ऑपरेशन सामने आया है। Jammu and Kashmir Police ने श्रीनगर स्थित सेंट्रल जेल में तलाशी अभियान चलाकर कई डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि जेल के भीतर प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल के संकेत मिले थे।

सूत्रों के अनुसार, काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर ने एनआईए एक्ट के तहत यह तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई श्रीनगर के स्पेशल जज द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर की गई। पुलिस को पहले से ही इनपुट मिला था कि जेल परिसर में संदिग्ध डिजिटल सिग्नेचर और कम्युनिकेशन गतिविधियां हो रही हैं।

इस मामले की शुरुआत साल 2023 में हुई थी, जब यूएपीए (UAPA) की धाराओं 13 और 39 के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान टेक्निकल सर्विलांस से यह संकेत मिले कि सेंट्रल जेल के अंदर कुछ डिजिटल गतिविधियां चल रही हैं, जो सुरक्षा नियमों के खिलाफ थीं।

इसके बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने संयुक्त रूप से कई ब्लॉकों और बैरकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कुछ संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और डिजिटल सामग्री बरामद की गई, जिन्हें तुरंत जब्त कर लिया गया है। इन डिवाइस को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि इनके इस्तेमाल और संभावित नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

अधिकारियों का मानना है कि इन डिवाइस के जरिए जेल के अंदर से बाहर तक किसी बड़े नेटवर्क से संपर्क किया जा सकता था। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इन उपकरणों को जेल के भीतर कैसे लाया गया और इसमें किन लोगों की भूमिका हो सकती है।

इस पूरे मामले को गंभीर सुरक्षा चूक माना जा रहा है। जांच एजेंसियां जेल स्टाफ और अन्य संभावित मददगारों की भूमिका की भी गहराई से जांच कर रही हैं। अगर किसी की संलिप्तता साबित होती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि यह ऑपरेशन आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करने और जेल जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को रोकने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। इसके साथ ही ओवर ग्राउंड वर्कर्स और टेरर सपोर्ट नेटवर्क की पहचान करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने साफ किया है कि प्रदेश में आतंकवाद के किसी भी नेटवर्क को पनपने नहीं दिया जाएगा और हर स्तर पर निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।

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