UP Board Result 2026: सीतापुर के इस स्कूल ने रचा इतिहास, एक साथ दिए दो स्टेट टॉपर
UP Board Result 2026 में इस बार सीतापुर जिले के एक स्कूल ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरे उत्तर प्रदेश में सुर्खियां बटोर ली हैं। बाबूराम सावित्री देवी इंटर कॉलेज ने एक ही साल में दो स्टेट टॉपर देकर नया रिकॉर्ड बना दिया है। हाईस्कूल में कशिश वर्मा और इंटरमीडिएट में शिखा वर्मा ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर स्कूल का नाम रोशन किया है।
‘सुपर 30’ बैच से निकले दो टॉपर
इस सफलता की सबसे खास बात यह है कि दोनों छात्राएं स्कूल के निशुल्क ‘सुपर 30’ बैच का हिस्सा थीं। यह विशेष बैच मेधावी छात्रों के लिए बनाया गया है, जिसमें कक्षा 9 से 12 तक चयनित 30 छात्रों को पूरी तरह मुफ्त शिक्षा दी जाती है। यहां तक कि बोर्ड परीक्षा की फीस भी स्कूल ही वहन करता है।
प्रिंसिपल ने जताई खुशी
स्कूल के प्रिंसिपल अरुण कुमार वर्मा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि जब उन्हें दोनों टॉपर्स की खबर मिली तो यह उनके लिए बेहद गर्व का पल था। उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से स्कूल के छात्र लगातार यूपी बोर्ड की मेरिट लिस्ट में जगह बनाते रहे हैं।
सफलता का मूलमंत्र क्या है?
प्रिंसिपल के अनुसार, स्कूल का फोकस सिर्फ रट्टा लगवाने पर नहीं बल्कि समझ और आत्मनिर्भरता पर है। छात्रों को ज्यादा होमवर्क देने के बजाय कक्षा में ही पूरा पढ़ाया और समझाया जाता है। इसके साथ ही Self-learning और तार्किक क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जाता है, ताकि बच्चे कोचिंग पर निर्भर न रहें।
‘सरप्राइज नहीं था यह रिजल्ट’
अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि इस बार का परिणाम उनके लिए आश्चर्य नहीं था, क्योंकि दोनों छात्राएं पहले से ही बेहद मेहनती और प्रतिभाशाली थीं। उन्होंने कहा कि ‘सुपर 30’ बैच से हर साल कई छात्र मेरिट में आते हैं और यह सिस्टम लगातार सफल साबित हो रहा है।
पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियां भी जरूरी
स्कूल में छात्रों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि अन्य गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। टॉपर शिखा वर्मा को डांस और साहित्य में भी खास रुचि है।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए पहल
स्कूल प्रशासन का कहना है कि ‘सुपर 30’ की शुरुआत का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ाना है। इस पहल के तहत अब तक सैकड़ों छात्र मुफ्त शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं और कई ने राज्य स्तर पर टॉप किया है।
तनाव मुक्त शिक्षा पर जोर
बोर्ड परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए स्कूल में नियमित टेस्ट और मोटिवेशनल सेशन आयोजित किए जाते हैं, जिससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है।
छात्रों के लिए संदेश
प्रिंसिपल ने कहा कि हर छात्र को एकाग्रता के साथ पढ़ाई करनी चाहिए और शिक्षकों की बातों को ध्यान से समझना चाहिए। सही दिशा में मेहनत करने पर कोई भी छात्र सफलता हासिल कर सकता है।
निष्कर्ष
सीतापुर के इस स्कूल की सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और निःशुल्क शिक्षा की पहल से भी बड़े स्तर पर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। ‘सुपर 30’ मॉडल ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है।

