23 Apr 2026, Thu

NCR में एक और रैपिड रेल! मेरठ के बाद अब दिल्ली-करनाल रूट पर दौड़ेगी नमो भारत, 136 किमी का सफर होगा आसान

दिल्ली-करनाल रैपिड रेल कॉरिडोर: नमो भारत नेटवर्क के विस्तार से NCR को मिलेगी बड़ी सौगात

दिल्ली-एनसीआर में आधुनिक और तेज परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। दिल्ली-मेरठ रूट पर नमो भारत (रैपिड रेल) के सफल संचालन के बाद अब दिल्ली-करनाल रूट पर भी इसी तरह के हाई-स्पीड कॉरिडोर का काम तेजी से आगे बढ़ने की तैयारी है। यह प्रोजेक्ट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा देने के साथ-साथ यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक आसान और तेज बनाएगा।

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली-करनाल रैपिड रेल कॉरिडोर पर जमीनी स्तर पर शुरुआती काम पहले ही शुरू हो चुका है। हालांकि इस परियोजना को अभी केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है, लेकिन तैयारी के स्तर पर काम में तेजी देखी जा रही है।

136 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर

यह प्रस्तावित कॉरिडोर लगभग 136 किलोमीटर लंबा होगा और इसका बड़ा हिस्सा एलिवेटेड स्ट्रक्चर पर आधारित होगा। एलिवेटेड डिजाइन का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भूमि अधिग्रहण की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी और निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा।

यह रूट राष्ट्रीय राजमार्ग के समानांतर विकसित किया जाएगा, जिससे दिल्ली और हरियाणा के बीच सीधी और सुगम कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

बुनियादी ढांचे की शिफ्टिंग का काम शुरू

परियोजना को गति देने के लिए NCRTC (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) ने आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया है। इसमें बिजली और पानी की लाइनों का स्थानांतरण प्रमुख रूप से शामिल है।

जानकारी के अनुसार, 33 केवी और 11 केवी बिजली लाइनों को शिफ्ट करने के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा करीब 36 किलोमीटर लंबी सीवर और पानी की पाइपलाइन को भी स्थानांतरित करने की योजना पर काम चल रहा है। यह शुरुआती चरण इस बात का संकेत है कि प्रोजेक्ट अब तेजी से निर्माण चरण की ओर बढ़ रहा है।

दिल्ली में मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी

दिल्ली-करनाल रूट की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसका मल्टी-मोडल कनेक्शन होगा। यह कॉरिडोर सराय काले खां से शुरू होकर इंद्रप्रस्थ और कश्मीरी गेट जैसे प्रमुख ट्रांजिट हब से जुड़ेगा।

कश्मीरी गेट पर यह रैपिड रेल दिल्ली मेट्रो और इंटरस्टेट बस टर्मिनल (ISBT) से भी जुड़ेगी। इससे यात्रियों को एक ही नेटवर्क में ट्रेन, मेट्रो और बस की सुविधा मिल सकेगी, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक और समय बचाने वाली होगी।

प्राथमिकता में आया दिल्ली-करनाल कॉरिडोर

शुरुआती योजना के तहत NCR में तीन प्रमुख रैपिड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित थे—दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी और दिल्ली-पानीपत। हालांकि, हरियाणा सरकार के अनुरोध पर पानीपत रूट को आगे बढ़ाकर करनाल तक विस्तारित कर दिया गया।

अब ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली-गुरुग्राम कॉरिडोर से पहले दिल्ली-करनाल रूट पर काम शुरू होने की संभावना अधिक है।

यात्रियों को क्या होगा फायदा?

इस रैपिड रेल कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली और हरियाणा के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी। रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और सफर अधिक आरामदायक हो जाएगा।

इसके साथ ही, यह प्रोजेक्ट आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों, रियल एस्टेट विकास और निवेश को भी बढ़ावा देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर NCR के उत्तर भाग में विकास की नई धारा को गति देगा।

निष्कर्ष

दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर न केवल एक परिवहन परियोजना है, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास का एक महत्वपूर्ण इंजन भी साबित हो सकता है। तेज निर्माण गति और बेहतर योजना के साथ यह प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में NCR के लाखों यात्रियों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *