20 Apr 2026, Mon

‘भगवान से कहती थी, मुझे बचा लो’, नशे में डूबी सिंगर, शराब की लत ने किया बर्बाद, अब 1700 करोड़ी फिल्म ने बनाया सुपरस्टार

जैस्मिन सैंडलास: सफलता की ऊंचाइयों के बीच सामने आया संघर्ष, शराब की लत और बचपन के दर्द पर बोलीं सिंगर

नई दिल्ली: बॉलीवुड और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री की फेमस सिंगर जैस्मिन सैंडलास इन दिनों अपने गानों के साथ-साथ अपने निजी जीवन को लेकर भी चर्चा में हैं। हाल ही में वह एक पॉडकास्ट में नजर आईं, जहां उन्होंने अपने करियर, बचपन और संघर्षों को लेकर कई खुलासे किए।

‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ जैसे म्यूजिक प्रोजेक्ट्स से पहचान बनाने वाली जैस्मिन ने बताया कि सफलता के पीछे उनकी जिंदगी में कई ऐसे दौर आए, जिन्हें भूल पाना आसान नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि एक समय ऐसा भी था जब वह शराब की लत से जूझ रही थीं और मानसिक रूप से बेहद कमजोर महसूस कर रही थीं।

बचपन से जुड़े दर्द पर खुलासा

जैस्मिन सैंडलास ने बातचीत में बताया कि उनका बचपन आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि परिवार के माहौल और माता-पिता की सख्ती ने उनके मन पर गहरा असर डाला। उनके अनुसार, जब किसी बच्चे को भावनात्मक सुरक्षा नहीं मिलती, तो उसका असर लंबे समय तक रहता है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि बचपन का दर्द जीवन भर साथ रह सकता है।

शराब की लत का कठिन दौर

सिंगर ने अपने करियर के उस दौर के बारे में भी बताया जब वह अत्यधिक शराब का सेवन करने लगी थीं। उन्होंने कहा कि उस समय एक तरफ उनकी प्रोफेशनल लाइफ तेजी से आगे बढ़ रही थी, वहीं दूसरी तरफ निजी जिंदगी में कई परेशानियां थीं।

पिता के निधन और पारिवारिक तनाव ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था। जैस्मिन ने स्वीकार किया कि वह उस दौर में खुद को संभाल नहीं पा रही थीं और शराब उनके लिए एक अस्थायी सहारा बन गई थी।

परिवार ने दिया सहारा

जैस्मिन ने बताया कि उनकी रिकवरी में उनके परिवार, खासकर उनकी मां ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि जब वह पूरी तरह टूट चुकी थीं, तब उनके परिवार ने उन्हें संभाला और फिर से सामान्य जीवन में लौटने में मदद की।

उन्होंने यह भी कहा कि नशे की आदतों से बाहर निकलना आसान नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपनी जिंदगी को बदलने का फैसला किया।

संगीत करियर की शुरुआत और सफलता

जैस्मिन सैंडलास का जन्म जालंधर में हुआ और उनका पालन-पोषण कैलिफोर्निया में हुआ। उन्होंने 2008 में अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान 2014 में सलमान खान की फिल्म ‘किक’ के गाने ‘यार ना मिले’ से मिली।

इसके बाद उन्होंने कई हिट गाने दिए और हाल ही में ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के गानों ने उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। उनके गाने ‘शरारत’, ‘मैं और तू’ और ‘आरी आरी’ ने म्यूजिक चार्ट्स पर शानदार प्रदर्शन किया है।

अब नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहीं जैस्मिन

आज जैस्मिन सैंडलास अपनी पुरानी मुश्किलों को पीछे छोड़कर म्यूजिक इंडस्ट्री में एक मजबूत पहचान बना चुकी हैं। पॉडकास्ट में उनकी ईमानदारी और खुलकर बात करने के अंदाज ने फैंस को उनका एक अलग और इंसानी पक्ष दिखाया।

उनकी कहानी यह संदेश देती है कि सफलता के पीछे कई संघर्ष छिपे होते हैं और मानसिक स्वास्थ्य व परिवार का समर्थन जीवन में बेहद अहम भूमिका निभाता है।

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