17 Apr 2026, Fri

लोकसभा में ओम बिरला ने पूछा, ‘हाथ में क्या हो गया?’, जानें पट्टी बांधे राहुल गांधी ने क्या कहा

Rahul Gandhi in Lok Sabha: हाथ में पट्टी बांधकर पहुंचे राहुल, महिला आरक्षण विधेयक पर सरकार को घेरा

नई दिल्ली: लोकसभा में शुक्रवार को उस समय एक अलग ही दृश्य देखने को मिला जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी हाथ में पट्टी बांधकर सदन में पहुंचे। उनके हाथ में बंधी पट्टी को देखकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उनसे सवाल किया कि “हाथ में क्या हुआ है?” इस पर राहुल गांधी ने जवाब दिया कि उनके अंगूठे में चोट लग गई है।

इस घटना के बाद सदन में माहौल कुछ देर के लिए हल्का रहा, लेकिन जल्द ही महिला आरक्षण विधेयक को लेकर बहस तेज हो गई।

महिला आरक्षण विधेयक पर तीखी बहस

लोकसभा में ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक 2026’ पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रस्तावित विधेयक का असली उद्देश्य महिलाओं के सशक्तीकरण से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसके जरिए राजनीतिक समीकरणों को बदलने की कोशिश की जा रही है।

‘चुनावी मानचित्र बदलने का प्रयास’ – राहुल गांधी

राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि यह वही महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, जिसे पहले संसद में पारित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रस्ताव का उद्देश्य देश के चुनावी मानचित्र को बदलना है।

उन्होंने कहा, “यह महिला सशक्तीकरण का कानून नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक मंशा छिपी हुई है। यह महिलाओं के नाम पर किया जा रहा एक शर्मनाक प्रयास है।”

विपक्ष का सरकार पर हमला

राहुल गांधी ने आगे कहा कि सरकार जाति जनगणना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विपक्ष मिलकर सरकार के इस प्रयास का विरोध करेगा और इसे सफल नहीं होने देगा।

दक्षिण और छोटे राज्यों का जिक्र

अपने भाषण में राहुल गांधी ने दक्षिण भारत, छोटे राज्यों और पूर्वोत्तर राज्यों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों की राजनीतिक भागीदारी को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि विपक्ष इन राज्यों के हितों की रक्षा करेगा और किसी भी तरह से उनके प्रतिनिधित्व को कमजोर नहीं होने देगा।

सदन में बढ़ा राजनीतिक तनाव

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान लोकसभा में माहौल काफी गर्म रहा। महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा ने एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गहरे मतभेदों को उजागर कर दिया।

निष्कर्ष

राहुल गांधी की चोट और उसके बाद लोकसभा में हुई तीखी बहस ने सदन की कार्यवाही को सुर्खियों में ला दिया है। महिला आरक्षण विधेयक पर जारी राजनीतिक विवाद आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

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