पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारतीय सर्राफा बाजार पर साफ तौर पर नजर आने लगा है। वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है, जिसका फायदा सोने को मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे दोनों धातुओं की चाल एक-दूसरे के विपरीत दिखाई दे रही है।
देश की राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में आज सोने के दाम में हल्की तेजी देखी गई। 24 कैरेट और 22 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम करीब 10 रुपये तक महंगा हुआ है। हालांकि यह बढ़त मामूली जरूर है, लेकिन पिछले दो दिनों के उतार-चढ़ाव को देखते हुए इसे बाजार में रिकवरी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में दो दिनों के भीतर 24 कैरेट सोना करीब 1480 रुपये और 22 कैरेट सोना 1360 रुपये तक सस्ता हुआ था, जिसके बाद अब कीमतों में सुधार की शुरुआत हुई है।
अगर देशभर के प्रमुख शहरों की बात करें तो दिल्ली, लखनऊ और जयपुर में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,54,090 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। वहीं चेन्नई में सोना सबसे महंगा बना हुआ है, जहां कीमत 1,55,140 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है। मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे महानगरों में सोने का भाव करीब 1,53,940 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स, ड्यूटी और परिवहन लागत के कारण कीमतों में यह अंतर देखा जाता है।
दूसरी ओर चांदी के बाजार में कमजोरी देखने को मिल रही है। दिल्ली में आज चांदी की कीमत 100 रुपये प्रति किलो घटकर 2,54,900 रुपये पर आ गई है। इससे पहले 13 अप्रैल को चांदी में 5000 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसने बाजार में हलचल पैदा कर दी थी। चेन्नई में चांदी का भाव अब भी सबसे ज्यादा 2,65,100 रुपये प्रति किलो बना हुआ है, लेकिन यहां भी तेजी का रुख कमजोर पड़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण मुनाफावसूली (profit booking) है। निवेशकों ने हाल की तेजी के बाद अपने निवेश से लाभ निकालना शुरू कर दिया है, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ा है। इसके अलावा औद्योगिक मांग में थोड़ी सुस्ती भी चांदी के भाव को प्रभावित कर रही है।
वहीं सोने की बात करें तो इसकी कीमतों को वैश्विक परिस्थितियों से समर्थन मिल रहा है। खासतौर पर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव और बातचीत की अनिश्चित स्थिति के चलते निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता बढ़ती है, सोने की मांग में इजाफा होता है और कीमतें ऊपर जाती हैं।
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक तनाव बढ़ता है तो सोने में और तेजी आ सकती है, जबकि चांदी में दबाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को सावधानी के साथ बाजार की चाल को समझते हुए ही निवेश निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।

