Pakistan के अशांत प्रांत Balochistan में अल्पसंख्यक समुदायों पर एक बार फिर हमला हुआ है। इस बार निशाना बना Hazara community, जिसके दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना प्रांतीय राजधानी Quetta के पास हुई, जिससे पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है।
पुलिस के अनुसार, यह वारदात उस समय हुई जब हजारा समुदाय के कुछ लोग स्थानीय बाजार से सब्जियां खरीदकर लौट रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बंदूकधारियों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने नजदीक से गोलीबारी की, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खैर सुमलानी ने बताया कि हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर सवार थे और पूरी घटना को सुनियोजित हत्या के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां विभिन्न एंगल से जांच कर रही हैं। घटनास्थल से सुराग जुटाने के लिए इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
हमले के बाद हजारा समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए वेस्टर्न बाईपास पर सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
Hazara community लंबे समय से पाकिस्तान में हिंसा और भेदभाव का शिकार रहा है। विशेषकर Quetta और आसपास के इलाकों में इस समुदाय पर कई बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। सुरक्षा चिंताओं के चलते यह समुदाय वर्षों से अपने सीमित क्षेत्रों में रहने को मजबूर है।
पिछले वर्षों में भी इस समुदाय पर कई बड़े आतंकी हमले हुए हैं। 2013 के एक बड़े बम धमाके में दर्जनों लोगों की जान गई थी, जबकि 2019 में हुए एक विस्फोट में भी कई निर्दोष लोग मारे गए थे। इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ाई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में बहुत अधिक सुधार नहीं देखा गया।
पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, और राज्य को उनकी सुरक्षा के लिए और मजबूत कदम उठाने की जरूरत है।
ताजा घटना ने एक बार फिर इस बहस को तेज कर दिया है कि क्या सुरक्षा एजेंसियां हजारा समुदाय को पर्याप्त सुरक्षा दे पा रही हैं या नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक हमलावरों को सजा नहीं मिलती, तब तक इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारी जल्द ही हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी का दावा कर रहे हैं, लेकिन समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल अभी भी बना हुआ है।

