भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर, FY2026 में 62% की बड़ी छलांग
नई दिल्ली: भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा निर्यात (Defence Export) अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने बताया कि इस अवधि में भारत का कुल रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 62 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।
रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर इसे “बड़ी छलांग” बताते हुए कहा कि यह भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और वैश्विक स्तर पर बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि देश रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक मजबूत और प्रभावशाली सफलता की कहानी लिख रहा है।
पांच वर्षों में तीन गुना बढ़ा निर्यात
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में भारत के रक्षा निर्यात में लगातार तेजी देखी गई है। वित्त वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा ₹21,083 करोड़ था, जबकि 2024-25 में यह बढ़कर ₹23,622 करोड़ हो गया। अब 2025-26 में यह ₹38,424 करोड़ तक पहुंच गया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में भारत का रक्षा निर्यात लगभग तीन गुना बढ़ चुका है, जो देश की बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को दर्शाता है।
निजी और सार्वजनिक क्षेत्र का योगदान
इस उपलब्धि में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSUs) और निजी क्षेत्र दोनों का अहम योगदान रहा है। कुल निर्यात में DPSUs का योगदान 54.84 प्रतिशत रहा, जबकि निजी क्षेत्र का हिस्सा 45.16 प्रतिशत रहा।
निजी उद्योग ने ₹17,353 करोड़ का निर्यात किया, जबकि DPSUs ने ₹21,071 करोड़ का योगदान दिया। यह दर्शाता है कि भारत का रक्षा उद्योग अब तेजी से सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में संतुलित रूप से आगे बढ़ रहा है।
रक्षा निर्यातकों की संख्या में बढ़ोतरी
एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भारत में रक्षा निर्यातकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब यह संख्या 128 से बढ़कर 145 हो गई है, जो लगभग 13.3 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। इससे यह साफ होता है कि देश में रक्षा क्षेत्र में नए खिलाड़ियों की एंट्री हो रही है और यह क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ रही मांग
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रक्षा उत्पादों की मांग अब वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रही है। भारत अब 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। इसमें हथियार, सैन्य उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य आधुनिक रक्षा तकनीक शामिल हैं।
रक्षा मंत्रालय ने इस उपलब्धि को एक “मील का पत्थर” बताया और कहा कि यह प्रधानमंत्री Narendra Modi के उस विजन के अनुरूप है, जिसमें भारत को दुनिया के शीर्ष रक्षा निर्यातकों में शामिल करना है।
सरकारी सुधारों का असर
सरकार ने रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार किए हैं। रक्षा उत्पादन विभाग ने प्रक्रियाओं को सरल बनाया है, ऑनलाइन पोर्टल को मजबूत किया है और लाइसेंस व अनुमति प्रक्रिया को आसान किया है। इन सुधारों का सीधा असर देश के रक्षा उद्योग पर पड़ा है, जिससे भारत वैश्विक सप्लाई चेन में एक मजबूत भागीदार बनकर उभरा है।
निष्कर्ष
FY2026 में रक्षा निर्यात में हुई यह ऐतिहासिक वृद्धि भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता, मजबूत नीति और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम है। यह उपलब्धि न केवल देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में एक मजबूत शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी बड़ा कदम है।

