27 Mar 2026, Fri

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती कब है 1 या 2 अप्रैल? नोट कर लें सही तारीख और मुहूर्त

हनुमान जयंती 2026: जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

हनुमान जयंती का पावन पर्व हर साल चैत्र पूर्णिमा के दिन बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन भक्त बजरंगबली यानी भगवान हनुमान के जन्मोत्सव का उत्सव मनाते हैं। हनुमान जी को शक्ति, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। राम नवमी के बाद भक्तों को इस पावन दिन का विशेष इंतजार रहता है।

हनुमान जयंती 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार, हनुमान जयंती 2026 में 2 अप्रैल, गुरुवार को मनाई जाएगी। इस दिन चैत्र पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है।

पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 1 अप्रैल 2026 को सुबह 07:06 बजे होगा और इसका समापन 2 अप्रैल 2026 को सुबह 07:41 बजे होगा। इसी दिन हनुमान जयंती का पर्व मनाया जाएगा।

पूजा के शुभ मुहूर्त (Hanuman Jayanti 2026 Puja Time)

हनुमान जयंती पर पूजा करने के लिए कई शुभ मुहूर्त माने गए हैं:

  • ब्रह्म मुहूर्त: 04:38 AM से 05:24 AM
  • प्रातः संध्या: 05:01 AM से 06:10 AM
  • अभिजित मुहूर्त: 12:00 PM से 12:50 PM
  • विजय मुहूर्त: 02:30 PM से 03:20 PM
  • गोधूलि मुहूर्त: 06:38 PM से 07:01 PM
  • सायाह्न संध्या: 06:39 PM से 07:48 PM
  • अमृत काल: 11:18 AM से 12:59 PM

इन मुहूर्तों में पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

हनुमान जयंती का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। हनुमान जी को भगवान राम का परम भक्त माना जाता है। वे शक्ति, भक्ति, बुद्धि और सेवा भाव के प्रतीक हैं।

भारत के अलग-अलग हिस्सों में इस पर्व को अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। खासकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हनुमान जयंती का उत्सव 41 दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान भक्त हनुमान जी की विशेष पूजा और व्रत करते हैं।

हनुमान जयंती पूजा विधि (Hanuman Jayanti Puja Vidhi)

हनुमान जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और साफ-सुथरे लाल वस्त्र धारण करने चाहिए।

इसके बाद एक चौकी पर लाल या सफेद कपड़ा बिछाकर भगवान हनुमान की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।

पूजा की शुरुआत दीप जलाकर और अगरबत्ती अर्पित करके करें। इसके बाद हनुमान जी को फूल, माला और सिंदूर अर्पित करें।

हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाना और उनका श्रृंगार करना शुभ माना जाता है। इसके बाद उन्हें पंचामृत और लड्डू का भोग लगाया जाता है।

पूजा के अंत में हनुमान चालीसा और आरती का पाठ अवश्य करें। इससे विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

हनुमान चालीसा का महत्व

हनुमान जयंती के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इससे सभी प्रकार के भय, कष्ट और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। भक्तों को शक्ति, साहस और सफलता प्राप्त होती है।

निष्कर्ष

हनुमान जयंती 2026 एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर है, जो भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। इस दिन सच्चे मन से पूजा और हनुमान जी का स्मरण करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति प्राप्त होती है।

भक्त इस दिन बजरंगबली से अपनी इच्छाओं की पूर्ति और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं।

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