27 Mar 2026, Fri

क्या भारत में कोविड जैसा लॉकडाउन लगने वाला है? जानें, सरकार ने अफवाहों पर क्या कहा

भारत में लॉकडाउन की अफवाहों पर केंद्र सरकार का स्पष्ट संदेश: कोई प्रतिबंध नहीं लगेगा

नई दिल्ली: देशभर में एलपीजी की संभावित कमी और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच लॉकडाउन लगाए जाने की अफवाहों को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान जारी किया है। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत में किसी भी प्रकार का लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है।

हाल के दिनों में सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक बयानों के जरिए यह दावा किया जा रहा था कि देश में ईंधन की कमी के चलते कोविड-19 जैसी स्थिति बन सकती है और सरकार लॉकडाउन लागू कर सकती है। इन दावों को खारिज करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ऐसी सभी खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार किसी भी प्रकार के प्रतिबंध, चाहे वह आवाजाही पर हो या आर्थिक गतिविधियों पर, लगाने पर विचार नहीं कर रही है।

सीतारमण ने यह भी कहा कि “कोविड जैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा। मुझे आश्चर्य है कि कुछ लोग इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं कि देश में लॉकडाउन लगेगा और ईंधन की भारी कमी हो जाएगी।” उन्होंने ऐसे बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि इससे आम जनता में अनावश्यक भय और भ्रम फैलता है।

इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए हरदीप सिंह पुरी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बयान जारी कर अफवाहों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि “भारत में लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह झूठी हैं और सरकार इस तरह के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है।” पुरी ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें।

इस बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की है, जिससे आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है। नई दरों के अनुसार पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है। इसके अलावा डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स तय किया गया है।

सरकार का यह कदम वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच उठाया गया है। हाल ही में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, विशेष रूप से Strait of Hormuz में आपूर्ति बाधित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार का प्राथमिक लक्ष्य ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखना और आम लोगों पर बढ़ती कीमतों का असर कम करना है। सरकार द्वारा उठाए गए कदम इसी दिशा में एक प्रयास के रूप में देखे जा रहे हैं।

कुल मिलाकर, केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में लॉकडाउन को लेकर फैल रही सभी खबरें अफवाह हैं और आम जनता को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

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