नेपाल में फिर महसूस हुए भूकंप के झटके, सुदूरपश्चिम प्रांत में 4.0 तीव्रता का कंपन
काठमांडू/दार्चुला: नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत में गुरुवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र (NEMRC) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गई। झटके सुबह 8 बजकर 32 मिनट पर महसूस किए गए, जिससे स्थानीय लोगों में हल्की दहशत का माहौल बन गया।
भूकंप का केंद्र Darchula district के मुरई क्षेत्र के आसपास बताया गया है। इसके प्रभाव Baitadi district और Bajhang district जैसे आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए। हालांकि, भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
नुकसान की कोई खबर नहीं
स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस भूकंप से न तो किसी इमारत को नुकसान पहुंचा है और न ही किसी के हताहत होने की खबर सामने आई है। हल्के झटकों के कारण लोग कुछ समय के लिए घरों से बाहर निकल आए, लेकिन स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई।
लगातार बढ़ रही भूकंपीय गतिविधि
पिछले कुछ दिनों से नेपाल का सुदूरपश्चिम क्षेत्र लगातार भूकंपीय गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। इससे पहले इसी सप्ताह सोमवार को भी इस इलाके में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र बाझंग जिले के रायल क्षेत्र के पास था। उस समय झटके इतने महसूस किए गए कि लोग डर के कारण घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर भागने लगे थे।
इसके अलावा 17 मार्च को भी दार्चुला जिले के सीतौला क्षेत्र में 4.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इस तरह एक सप्ताह के भीतर कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जाना विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बन रहा है।
क्यों बार-बार आते हैं भूकंप?
विशेषज्ञों के अनुसार, Nepal दुनिया के सबसे सक्रिय टेक्टॉनिक जोन में स्थित है। यह क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के टकराव के कारण लगातार भूकंपीय गतिविधियों का सामना करता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नेपाल भूकंपीय क्षेत्र 4 और 5 के अंतर्गत आता है, जो इसे उच्च जोखिम वाले देशों में शामिल करता है।
इसी वजह से नेपाल दुनिया के सबसे अधिक भूकंप संभावित देशों की सूची में शीर्ष देशों में गिना जाता है। यहां छोटे और मध्यम तीव्रता के भूकंप अक्सर आते रहते हैं।
सतर्क रहने की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही इस बार भूकंप की तीव्रता कम थी, लेकिन लगातार आ रहे झटके भविष्य में बड़े भूकंप की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
भूकंप के दौरान सुरक्षित रहने के लिए लोगों को खुले स्थानों में जाने, मजबूत संरचनाओं से दूर रहने और आपातकालीन तैयारी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
निष्कर्ष
नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत में बार-बार आ रहे भूकंप के झटके इस क्षेत्र की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लगातार हो रही भूकंपीय गतिविधियां आने वाले समय के लिए चेतावनी का संकेत हैं।

