All Party Meeting: पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक, TMC ने किया बॉयकॉट
नई दिल्ली में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा संकट को लेकर केंद्र सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई प्रमुख नेता शामिल हुए, जबकि Mamata Banerjee की पार्टी Trinamool Congress (TMC) ने इस बैठक का बहिष्कार किया है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे कई देशों के सामने आर्थिक और ऊर्जा संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए यह बैठक संसद भवन में आयोजित की गई है, जहां अंतरराष्ट्रीय हालात पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
बैठक में केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे, जिनमें गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh, विदेश मंत्री S. Jaishankar और पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri शामिल हैं। इसके अलावा बीजेपी अध्यक्ष J. P. Nadda और अन्य सहयोगी दलों के प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद रहे।
सरकार की ओर से विदेश मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौजूदा वैश्विक स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी। विदेश सचिव ने अंतरराष्ट्रीय हालात, कूटनीतिक प्रयासों और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे प्रभावों को लेकर प्रस्तुति दी, जबकि पेट्रोलियम से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
विपक्ष की ओर से भी कई प्रमुख दलों के नेता इस बैठक में शामिल हुए। Indian National Congress की ओर से मुकुल वासनिक और तारिक अनवर ने हिस्सा लिया। Aam Aadmi Party से संजय सिंह, Samajwadi Party से जावेद अली, DMK से कलानिधि वीरसामी और CPI(M) से जॉन ब्रिटास बैठक में मौजूद रहे।
इसके अलावा Asaduddin Owaisi (AIMIM), Supriya Sule (NCP-SCP), Sanjay Raut (UBT) और अन्य नेताओं ने भी बैठक में भाग लिया। हालांकि, कुछ दलों के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही।
बैठक में मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, ऊर्जा सुरक्षा और भारत पर इसके संभावित प्रभावों पर चर्चा की गई। सरकार का मानना है कि इस तरह की परिस्थितियों में सभी दलों के साथ मिलकर रणनीति बनाना जरूरी है, ताकि देश को किसी भी संभावित संकट से बचाया जा सके।
केंद्र सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि वह वैश्विक परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। बैठक के माध्यम से सरकार और विपक्ष के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिश की गई, ताकि राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए साझा समाधान निकाला जा सके।
कुल मिलाकर, यह सर्वदलीय बैठक मौजूदा वैश्विक संकट के बीच भारत की रणनीति और नीति को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। हालांकि TMC के बहिष्कार ने राजनीतिक बहस को भी जन्म दिया है, लेकिन बाकी दलों की भागीदारी से यह स्पष्ट है कि देश के हितों को लेकर एक साझा दृष्टिकोण बनाने की कोशिश जारी है।

