24 Mar 2026, Tue

दूर होगा LPG संकट! होर्मुज के ‘डेथ जोन’ से निकला ‘Pine Gas’ और ‘जग वसंत’ टैंकर, सामने आई पहली तस्वीर

Hormuz Strait LPG Tanker Update: डेथ जोन से निकले दो भारतीय LPG टैंकर, नौसेना की निगरानी में भारत की ओर बढ़े

देश में जारी एलपीजी संकट के बीच एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भारतीय झंडे वाले दो प्रमुख एलपीजी टैंकर Pine Gas और Jag Vasant होर्मुज स्ट्रेट के संवेदनशील “डेथ जोन” को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं और अब भारतीय नौसेना की निगरानी में भारत के तटों की ओर बढ़ रहे हैं।

होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकलने की पुष्टि

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों टैंकरों ने ईरानी तट के पास लारक और केशम द्वीपों के बीच से गुजरते हुए होर्मुज स्ट्रेट को पार किया। इसके बाद जैसे ही वे ओमान की खाड़ी में पहुंचे, वहां पहले से तैनात भारतीय नौसेना के युद्धपोतों ने उन्हें अपनी सुरक्षा में ले लिया।

अब ये दोनों जहाज लगातार निगरानी में हैं और सुरक्षित रूप से भारतीय समुद्री सीमा की ओर बढ़ रहे हैं।

Pine Gas पर 27 भारतीय नाविक

Pine Gas एलपीजी टैंकर पर कुल 27 भारतीय नाविक सवार हैं। यह जहाज 27 से 28 मार्च के बीच भारतीय तट पर पहुंचने की संभावना है। जहाज के सुरक्षित रूप से आगे बढ़ने के बाद इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें इसे संकटपूर्ण क्षेत्र से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है।

Jag Vasant भी सुरक्षित पार

Jag Vasant भी इसी मार्ग से होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुका है। दोनों टैंकरों के माध्यम से लगभग 92,612 मीट्रिक टन एलपीजी भारत पहुंचने की उम्मीद है। यह खेप देश की घरेलू एलपीजी आपूर्ति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।

होर्मुज स्ट्रेट में तनाव का असर

28 फरवरी के बाद अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के चलते होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इस क्षेत्र को “डेथ जोन” कहा जा रहा है, जहां कई जहाजों पर हमलों और जोखिम की घटनाएं सामने आई हैं।

ईरान ने भी चेतावनी दी थी कि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को उसकी अनुमति लेनी होगी, जिससे समुद्री आवागमन काफी प्रभावित हुआ है। भारत अपने एलपीजी आयात का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से करता है, ऐसे में यह रूट बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

देश के लिए राहत की खबर

एलपीजी संकट के बीच इन टैंकरों का सुरक्षित रूप से निकलना भारत के लिए राहत की खबर है। इससे उम्मीद है कि घरेलू बाजार में सप्लाई स्थिर रहेगी और उपभोक्ताओं को बड़ी कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सरकार और संबंधित एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू रखने के प्रयास जारी हैं।

निष्कर्ष

होर्मुज स्ट्रेट जैसे संवेदनशील और जोखिम भरे क्षेत्र से दो महत्वपूर्ण एलपीजी टैंकरों का सुरक्षित निकलना न केवल समुद्री सुरक्षा के लिहाज से अहम है, बल्कि यह भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी बड़ी राहत साबित हो सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह खेप कब तक सुरक्षित रूप से भारतीय तटों तक पहुंचती है और बाजार में इसका क्या प्रभाव पड़ता है।

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