24 Mar 2026, Tue

लोकसभा में इन 4 बिल पर चर्चा करेगी मोदी सरकार, जानें किस Bill के लिए मिलेगा कितना समय

Lok Sabha Bills Discussion: लोकसभा में 4 अहम बिलों पर होगी चर्चा, BAC बैठक में तय हुआ समय

केंद्र सरकार आगामी दिनों में लोकसभा में चार महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा करने जा रही है। इन सभी बिलों को लेकर हाल ही में लोकसभा की Business Advisory Committee (BAC) की बैठक में विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें यह तय किया गया कि प्रत्येक बिल पर बहस के लिए कितना समय आवंटित किया जाएगा। यह चर्चा संसद के मौजूदा बजट सत्र के दूसरे भाग में होगी।

बजट सत्र का दूसरा चरण जारी

वर्तमान में संसद का बजट सत्र चल रहा है, जो 28 जनवरी से शुरू हुआ था और 2 अप्रैल तक जारी रहेगा। इस सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चला, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू हुआ। इसी दूसरे चरण में सरकार इन चार विधेयकों को सदन में पेश कर उन पर चर्चा कराएगी।

किन 4 बिलों पर होगी चर्चा

लोकसभा में जिन चार प्रमुख विधेयकों पर चर्चा प्रस्तावित है, वे इस प्रकार हैं:

1. Transgender Persons Amendment Bill, 2026
इस विधेयक पर 3 घंटे की चर्चा निर्धारित की गई है। इस संशोधन बिल में ट्रांसजेंडर व्यक्ति की परिभाषा को सीमित करने का प्रस्ताव है। नई परिभाषा में स्व-पहचान वाले ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा 2019 के कानून के अनुच्छेद 4(2) को हटाने का भी प्रस्ताव है।

2. CAPF (Central Armed Police Forces) Bill
इस बिल पर सबसे अधिक 6 घंटे की चर्चा होगी। यह विधेयक BSF, CRPF, ITBP और CISF जैसे केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में IG और उससे ऊपर के पदों पर नियुक्ति, प्रमोशन, डेप्यूटेशन और सेवा शर्तों को स्पष्ट करने से संबंधित है।

3. Insolvency and Bankruptcy Code Amendment Bill
इस विधेयक पर 4 घंटे की चर्चा तय की गई है। यह बिल दिवालियापन और ऋण समाधान से जुड़े मौजूदा कानून में संशोधन से संबंधित है, जिसका उद्देश्य प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।

4. FCRA Amendment Bill, 2026
इस बिल पर 3 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। FCRA यानी Foreign Contribution Regulation Act से जुड़े इस संशोधन का उद्देश्य विदेशी फंडिंग से संबंधित नियमों को और सख्त या स्पष्ट करना है।

क्या है BAC और इसकी भूमिका

BAC यानी Business Advisory Committee संसद का एक महत्वपूर्ण पैनल है, जिसमें विभिन्न दलों के सांसद शामिल होते हैं। इस समिति का मुख्य कार्य संसद के कामकाज को व्यवस्थित करना और यह तय करना होता है कि किन विधेयकों या विषयों पर कितना समय चर्चा के लिए दिया जाएगा।

BAC की सिफारिशों के आधार पर ही लोकसभा में विभिन्न बिलों पर बहस का समय निर्धारित किया जाता है। यह समिति संसद के सुचारु संचालन में अहम भूमिका निभाती है और सरकार तथा विपक्ष के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।

निष्कर्ष

लोकसभा के मौजूदा सत्र में चार महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होने जा रही है, जिनमें सामाजिक, सुरक्षा, वित्तीय और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। BAC द्वारा समय निर्धारण के बाद अब इन बिलों पर सदन में विस्तृत बहस होगी, जिससे इनके प्रावधानों और प्रभावों पर गहन चर्चा संभव हो सकेगी।

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