23 Mar 2026, Mon

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: एनडीए का सीट शेयरिंग फॉर्मूला तय, जानें किसे कितनी सीटें मिलीं

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है। Chennai स्थित AIADMK मुख्यालय में सोमवार को हुई अहम बैठक में इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में एआईएडीएमके के महासचिव Edappadi K. Palaniswami और केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

इस सीट शेयरिंग समझौते के तहत तमिलनाडु की कुल 234 विधानसभा सीटों में से Bharatiya Janata Party (बीजेपी) 27 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वहीं Pattali Makkal Katchi (पीएमके) को 18 सीटें और Amma Makkal Munnetra Kazhagam (एएमएमके) को 11 सीटें आवंटित की गई हैं। बाकी सीटों पर एआईएडीएमके अपने उम्मीदवार उतारेगी।

बैठक में भाजपा तमिलनाडु अध्यक्ष नैनार नागेंथ्रन, पीएमके प्रमुख Anbumani Ramadoss और एएमएमके के महासचिव टीटीवी दिनाकरन भी मौजूद रहे। इस दौरान सभी दलों ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने और राज्य में सत्ता हासिल करने का भरोसा जताया।

एनडीए नेताओं का कहना है कि यह गठबंधन राज्य में सत्तारूढ़ Dravida Munnetra Kazhagam (डीएमके) को कड़ी टक्कर देगा। भाजपा नेता Tamilisai Soundararajan ने इस गठबंधन को “मजबूत और जीतने वाला” बताते हुए कहा कि सभी सहयोगी दल मिलकर चुनाव में शानदार प्रदर्शन करेंगे।

वहीं पीएमके प्रमुख अंबुमणि रामदास ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने दावा किया कि एनडीए गठबंधन 234 में से 200 से ज्यादा सीटें जीतकर सत्ता में आएगा। रामदास ने डीएमके पर भ्रष्टाचार, वसूली और कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए और कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह सीट बंटवारा एनडीए के लिए रणनीतिक रूप से काफी अहम है। एआईएडीएमके ने अपने सहयोगियों को संतुलित तरीके से सीटें देकर गठबंधन को मजबूत बनाए रखने की कोशिश की है। इससे विपक्षी वोटों के बंटवारे को रोका जा सकता है और चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।

तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान प्रस्तावित है और सभी प्रमुख दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस चुनाव में एक ओर डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन है, तो दूसरी ओर एनडीए गठबंधन अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है।

कुल मिलाकर, सीट बंटवारे के इस फॉर्मूले के साथ तमिलनाडु की चुनावी लड़ाई अब और भी स्पष्ट हो गई है। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार तेज होगा और जनता के मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच तीखी टक्कर देखने को मिलेगी।

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