झारखंड में एक बार फिर आकाशीय बिजली ने कहर बरपाया है। Jharkhand के Chatra district में बेमौसम बारिश के दौरान बिजली गिरने से दो अलग-अलग घटनाओं में तीन महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
यह हादसा पत्थलगड़ा प्रखंड में शुक्रवार को हुआ, जब अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान शुरू हो गया। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दो गांवों में अलग-अलग घटनाएं हुईं। प्रशासन के अनुसार, पहली घटना बंदरचुआ गांव में सामने आई। यहां 35 वर्षीय शमा परवीन जंगल में महुआ के फूल चुनने गई थीं। अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और वह उसकी चपेट में आ गईं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
इस घटना में शमा परवीन की 12 वर्षीय बेटी और उनकी 55 वर्षीय भाभी भी घायल हो गईं। दोनों को तुरंत इलाज के लिए Shaheed Sheikh Bhikhari Medical College and Hospital में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनका उपचार कर रही है।
दूसरी घटना जेहरा गांव में हुई, जहां दो सगी बहनें—22 वर्षीय कल्याणी देवी और 25 वर्षीय पूनम देवी—अपने घर के बाहर बैठी थीं। इसी दौरान पास के एक पेड़ पर बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आकर दोनों बहनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में पूनम देवी के पति संजय भुइयां भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने बताया कि प्राकृतिक आपदा राहत कोष से मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि झारखंड में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, खासकर मानसून या बेमौसम बारिश के दौरान। पिछले साल भी राज्य के कई जिलों में इस तरह की घटनाएं सामने आई थीं। अक्टूबर में देवघर जिले में मेला मैदान में बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि सितंबर में पूर्वी सिंहभूम जिले में दो लोगों की जान चली गई थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि खुले स्थानों, खेतों या पेड़ों के नीचे बारिश के दौरान बैठना या काम करना बेहद खतरनाक हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहना कितना जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। सरकार और स्थानीय प्रशासन जहां राहत और बचाव कार्यों में जुटे हैं, वहीं लोगों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना होगा, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

