22 Mar 2026, Sun

नोएडा: जनता का दावा- ब्लैक में 5 से 6 हजार रुपए में मिल रहा सिलेंडर, लोग लंबी लाइनों में लगने को मजबूर

नोएडा में गैस सिलेंडर संकट गहराया, लंबी कतारें; ब्लैक में 5-6 हजार तक बिकने का दावा

उत्तर प्रदेश के नोएडा में इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडर की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। हालात ऐसे हैं कि लोग घंटों लंबी लाइनों में खड़े होकर सिलेंडर पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। त्योहार के समय इस संकट ने आम लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

लाइन में लगे लोगों का दावा है कि बाजार में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी तेज हो गई है। कई उपभोक्ताओं के मुताबिक, जहां सामान्य कीमत पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा, वहीं ब्लैक मार्केट में यही सिलेंडर 5,000 से 6,000 रुपये तक में बेचा जा रहा है। लोगों का कहना है कि एक महीने पहले बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कामकाजी लोग भी अपनी नौकरी छोड़कर गैस एजेंसियों के बाहर लाइन में लगने को मजबूर हैं। एक दंपति ने बताया कि वे ऑफिस जाने के बजाय सिलेंडर लेने पहुंचे हैं, क्योंकि घर में गैस खत्म हो चुकी है। वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि वह पिछले 10 दिनों से लगातार एजेंसी के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक उसे सिलेंडर नहीं मिला।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस संकट के पीछे वैश्विक हालात भी एक बड़ा कारण हैं। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद मिडिल-ईस्ट में तनाव बढ़ गया है, जिससे गैस और तेल की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ रहा है।

इस संकट का सबसे ज्यादा असर छोटे व्यापारियों पर पड़ा है। सड़क किनारे चाय और खाने-पीने के स्टॉल लगाने वाले लोग गैस की कमी के कारण अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। कई दुकानदारों का कहना है कि उन्हें ब्लैक में महंगे दाम पर सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है, जिसकी वजह से उन्होंने चाय और अन्य सामान की कीमतें बढ़ा दी हैं। जहां पहले चाय 5 से 10 रुपये में मिलती थी, वहीं अब कई जगहों पर इसकी कीमत 20 रुपये तक पहुंच गई है।

सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। कालाबाजारी को रोकने के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है और अवैध रूप से बेचे जा रहे सिलेंडरों को जब्त किया जा रहा है। इसके अलावा, पेट्रोलियम मंत्रालय ने निर्देश जारी किया है कि जिन उपभोक्ताओं के पास पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन है, उन्हें एलपीजी सिलेंडर नहीं दिया जाएगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन घरों में PNG और LPG दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा, ताकि जरूरतमंद लोगों तक गैस की सप्लाई सुनिश्चित की जा सके।

फिलहाल, स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे सप्लाई चेन सामान्य होगी, वैसे-वैसे हालात में सुधार आएगा। तब तक लोगों को धैर्य रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

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