9 Mar 2026, Mon

दूरदर्शन का 13 एपिसोड वाला सीरियल, बॉलीवुड के टॉप डायरेक्टर ने निभाया था लीड रोल, IMDb पर मिली है तगड़ी रेटिंग

दूरदर्शन का साइंस-फिक्शन शो ‘इंद्रधनुष’ और करण जौहर का एक्टिंग डेब्यू

1980 के दशक के आखिरी दौर में दूरदर्शन पर पौराणिक और पारिवारिक धारावाहिकों का बोलबाला था, लेकिन उसी समय एक ऐसा शो आया जिसने बच्चों और युवाओं को अपनी ओर खींचा। इस शो का नाम था ‘इंद्रधनुष’, जो 1989 में प्रसारित हुआ और अपने समय से काफी आगे था।

कहानी: टाइम ट्रैवल, रहस्य और रोमांच

‘इंद्रधनुष’ की कहानी एक यंग लड़के श्रीकांत और उसके दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती थी। इन बच्चों ने एक खास तरह का कम्प्यूटर सिस्टम बनाया, जो असल में टाइम मशीन की तरह काम करता था। हर एपिसोड में टाइम ट्रैवल, रहस्य और रोमांच का तड़का लगाया गया।

शो में एंड्रोमेडा गैलेक्सी से आया एक रहस्यमयी एलियन भी शामिल था। इस एलियन की एंट्री से श्रीकांत और उसके दोस्त विभिन्न जटिल परिस्थितियों में फंस जाते, जिससे कहानी और भी रोमांचक बनती। बच्चों और बड़ों दोनों ने इस शो को बेहद पसंद किया।

करण जौहर का एक्टिंग डेब्यू

इस शो का सबसे बड़ा आकर्षण यह था कि बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म मेकर Karan Johar ने यहीं से अपना अभिनय करियर शुरू किया। करण जौहर उस समय केवल 14-15 साल के थे और उन्होंने श्रीकांत की भूमिका निभाई।

शो के निर्देशक थे आनंद महेंद्रू, और इसमें सागर आर्य, विशाल सिंह, जीतेंद्र राजपाल और उर्मिला मातोंडकर भी नजर आए। आज करण जौहर इंडस्ट्री के सबसे बड़े नामों में से एक हैं, लेकिन ‘इंद्रधनुष’ उनके शुरुआती कदम का हिस्सा था।

13 एपिसोड में खत्म हुई कहानी

हालांकि शो लोकप्रिय हुआ, लेकिन इसे केवल 13 एपिसोड में ही बंद कर दिया गया। इसके बावजूद ‘इंद्रधनुष’ ने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। IMDB पर इसे 8.1 रेटिंग मिली है, जो इस बात का प्रमाण है कि इसकी कहानी और प्रस्तुति कितनी प्रभावशाली थी।

इस शो में काम करने वाले कलाकार आज इंडस्ट्री में काफी नाम कमा चुके हैं। उर्मिला मातोंडकर, अक्षय आनंद और आशुतोष गोवारिकर जैसे कलाकार आज बड़े और सफल पेशेवर हैं।

क्यों था ‘इंद्रधनुष’ खास?

  • 80 के दशक के दौरान दूरदर्शन पर यह पहला साइंस-फिक्शन शो था।

  • बच्चों और युवाओं को ध्यान में रखकर रोमांच और टेक्नोलॉजी को मिश्रित किया गया।

  • करण जौहर जैसे अब बड़े फिल्म मेकर का अभिनय डेब्यू इस शो में हुआ।

  • IMDB पर उच्च रेटिंग और दर्शकों का सकारात्मक रेस्पॉन्स।

संक्षेप में, ‘इंद्रधनुष’ केवल एक धारावाहिक नहीं बल्कि भारतीय टेलीविजन इतिहास में एक क्रांतिकारी और यादगार प्रयोग था। यह शो दर्शकों को अब भी याद है और इसके एपिसोड नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।

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