श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का बड़ा विस्तार, घाटी की हवाई कनेक्टिविटी को नई उड़ान
कश्मीर घाटी की हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सिविल एन्क्लेव के विस्तार को ₹1,677 करोड़ की लागत से मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट घाटी में हवाई यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदलने और पर्यटन, निवेश एवं रोजगार के नए अवसर पैदा करने की क्षमता रखता है।
आधुनिक टर्मिनल का निर्माण
विस्तार के तहत एयरपोर्ट का सिविल एन्क्लेव 73.18 एकड़ में फैलेगा। इसमें 71,500 वर्गमीटर में नया अत्याधुनिक टर्मिनल बनाया जाएगा, जिसमें मौजूदा 20,659 वर्गमीटर का ढांचा भी शामिल रहेगा। नया टर्मिनल पीक आवर में 2,900 यात्रियों को समायोजित कर सकेगा और सालाना 1 करोड़ यात्रियों (MPPA) की क्षमता के साथ तैयार होगा। इससे घाटी में लगातार बढ़ती हवाई यात्रा की मांग को पूरा किया जा सकेगा।
एयरक्राफ्ट पार्किंग और मल्टी-लेवल पार्किंग
विस्तारित एयरपोर्ट में अब 15 विमान खड़े करने की सुविधा होगी, जिसमें बड़े वाइड-बॉडी विमान के लिए भी विशेष जगह बनाई जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए 1,000 वाहनों की मल्टी-लेवल पार्किंग की योजना बनाई गई है। एयरपोर्ट का 3,658 मीटर लंबा रनवे भारतीय वायुसेना द्वारा संचालित रहेगा। यह एयरपोर्ट बडगाम एयरबेस के भीतर स्थित है और इसका संचालन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) करती है।
पर्यटन और स्थानीय कारोबार को फायदा
सरकार का मानना है कि एयरपोर्ट के विस्तार से कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे डल झील, शंकराचार्य मंदिर और मुगल गार्डन तक पहुंच और आसान होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से देश-विदेश के पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे होटल, ट्रैवल और स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलेगी।
पर्यावरण और कश्मीरी संस्कृति का संगम
नए टर्मिनल में आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यावरणीय संवेदनशीलता का भी ध्यान रखा जाएगा। टर्मिनल में बारिश के पानी को संग्रहित करने की व्यवस्था होगी, प्राकृतिक रोशनी का अधिकतम उपयोग किया जाएगा और पर्यावरण के अनुकूल स्थानीय सामग्री का इस्तेमाल होगा। साथ ही, डिजाइन में कश्मीरी संस्कृति की झलक दिखाई देगी, जिसमें पारंपरिक लकड़ी की नक्काशी और स्थानीय कारीगरी शामिल होगी।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुआ निर्णय
यह निर्णय प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठक में लिया गया। केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने विस्तार परियोजना की जानकारी दी।
महत्व और भविष्य
श्रीनगर एयरपोर्ट का यह आधुनिक विस्तार न केवल हवाई यात्रा की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि घाटी में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

