ICC Men’s T20 World Cup 2026 में ऑस्ट्रेलिया का फ्लॉप शो, ग्रुप स्टेज से बाहर होकर टूटा ‘माइटी ऑसीज’ का सपना
क्रिकेट जगत में इस समय T20 वर्ल्ड कप 2026 की गूंज है, लेकिन सबसे बड़ी चर्चा 2021 की चैंपियन Australia national cricket team के ग्रुप स्टेज से बाहर होने की हो रही है। छह बार ODI वर्ल्ड कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम T20 फॉर्मेट में अपना दबदबा कायम नहीं रख सकी है। 10 एडिशन में सिर्फ एक बार—2021—खिताब जीतने के बाद टीम का ग्राफ लगातार गिरता दिखा है।
गिरता प्रदर्शन, बढ़ते सवाल
2021 में ट्रॉफी जीतने के बाद 2022 में घरेलू सरजमीं पर ऑस्ट्रेलिया खिताब बचाने में नाकाम रही। 2024 में टीम सुपर 8 से आगे नहीं बढ़ पाई और अब 2026 में हालात और खराब हो गए। जिम्बाब्वे से चौंकाने वाली हार के बाद टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। इस नतीजे ने चयन, रणनीति और टीम कॉम्बिनेशन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सिलेक्शन में बड़ी चूक?
इस बार टीम चयन सबसे बड़ा विवाद बना। चोटिल होने के बावजूद Pat Cummins, Josh Hazlewood और Tim David को स्क्वॉड में रखा गया। टूर्नामेंट से ठीक पहले कमिंस और हेजलवुड बाहर हो गए। कमिंस की जगह बेन ड्वारशुइस को शामिल किया गया, लेकिन हेजलवुड का रिप्लेसमेंट घोषित नहीं हुआ।
जिम्बाब्वे से हार के बाद आखिरी समय में Steve Smith को जोड़ा गया, मगर श्रीलंका के खिलाफ पल्लेकेले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला। उसी मुकाबले में 104/0 से 181/10 तक सिमटी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने आखिरी छह विकेट सिर्फ 21 रन में गंवा दिए। पूर्व विकेटकीपर Ian Healy ने भी चयन नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि टीम में फिनिशर्स तो बहुत हैं, लेकिन पारी संभालने वाला भरोसेमंद बल्लेबाज नहीं।
क्या T20 प्राथमिकता में नहीं?
T20 फॉर्मेट को लेकर ऑस्ट्रेलिया की गंभीरता पर भी सवाल हैं। 1 जनवरी 2022 के बाद से ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 72 T20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं—जो फुल मेंबर देशों में सबसे कम हैं। तुलना करें तो India national cricket team ने 118 और Pakistan national cricket team ने 106 T20I मैच खेले हैं। कम मैच खेलने का असर टीम तालमेल और कॉम्बिनेशन पर साफ नजर आया।
द्विपक्षीय सीरीज में अक्सर प्रमुख खिलाड़ियों को आराम दिया गया। यहां तक कि वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में भी संभावित वर्ल्ड कप स्क्वॉड एक साथ नहीं खेला। नतीजा—बड़े मंच पर तालमेल की कमी।
क्या अब बड़े बदलाव का वक्त?
2022 T20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में इंग्लैंड से 10 विकेट की हार के बाद भारत ने अपने खेल में बड़ा बदलाव किया और आक्रामक रवैया अपनाया। ऑस्ट्रेलिया के लिए भी यह झटका वैसा ही टर्निंग पॉइंट बन सकता है। टेस्ट और ODI में दबदबा कायम है, लेकिन अगर ‘माइटी ऑसीज’ को हर फॉर्मेट में राज करना है तो T20 को प्राथमिकता देनी ही होगी।
वरना T20 में ऑस्ट्रेलिया का सुनहरा पल सिर्फ 2021 तक सीमित रह जाएगा—और बाकी कहानी इतिहास की किताबों में दर्ज होगी।

