22 Mar 2026, Sun

69,000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले को लेकर सड़कों पर अभ्यर्थी, डिप्टी सीएम के आवास के बाहर पहुंचे; कर रहे ये मांग

लखनऊ में 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

लखनऊ: 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले को लेकर लखनऊ में अभ्यर्थियों का गुस्सा फूटा। हजारों उम्मीदवार डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास के बाहर जमा हुए और उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों की पूरी तरह अनदेखी की गई है और इस वजह से कई योग्य उम्मीदवारों को उनका हक नहीं मिला।

प्रदर्शनकारी उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह मामला कई सालों से कानूनी दायरों में है, लेकिन अब तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इस भर्ती में आरक्षण नियमों के पालन को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है, और अगली सुनवाई 4 फरवरी को निर्धारित है।

इस मामले की पहली कानूनी सुनवाई सितंबर 2024 में हुई थी। तब से उम्मीदवारों का दावा है कि मामले को बार-बार टाल दिया गया और उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं किया गया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्हें डर है कि यदि उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई तो अनियमितताएं और भी बढ़ सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला सिर्फ शिक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे सरकारी भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता की दिशा में बड़ा संकेत है। उम्मीदवारों ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से मामले में त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

प्रदर्शन में छात्रों ने बैनर और पोस्टर लेकर यह संदेश दिया कि वे अपने हक के लिए किसी भी हद तक संघर्ष करेंगे। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है और हजारों लोग #समानअवसर #शिक्षकभर्ती #आरक्षणघोटाला जैसे हैशटैग के साथ समर्थन जता रहे हैं।

इस भर्ती विवाद ने न केवल लाखों उम्मीदवारों के लिए चिंता बढ़ाई है, बल्कि शिक्षा विभाग की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न खड़ा किया है। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों का कथित उल्लंघन।

  • लखनऊ में डिप्टी सीएम के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन।

  • उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग।

  • मामला कई सालों से कानूनी दायरों में, अगली सुनवाई 4 फरवरी 2026।

  • सोशल मीडिया पर समर्थन: #समानअवसर #शिक्षकभर्ती #आरक्षणघोटाला #लखनऊ

इस मामले का असर न केवल सरकारी भर्ती प्रणाली पर होगा बल्कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र में नीति निर्धारण पर भी इसका असर पड़ सकता है। उम्मीदवारों का दबाव और जनता की निगाहें अब पूरी तरह सरकार और न्यायपालिका पर टिकी हैं।

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