नई दिल्ली, 27 जनवरी 2026:
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) के नए नोटिफिकेशन को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं। इस विवाद पर अब केंद्र सरकार ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया है कि UGC के किसी भी फैसले से किसी भी अभ्यर्थी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह संविधान के दायरे में रहेंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार इस बात को लेकर पूरी तरह सजग है कि किसी भी कानून या नियम का दुरुपयोग न हो। चाहे वह UGC हो, राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार—सभी को संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करना होगा।
मीडिया से बातचीत के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा,
“मैं सभी को यह भरोसा दिलाना चाहता हूं कि किसी के साथ उत्पीड़न या भेदभाव नहीं होगा। कोई भी संस्था कानून का गलत इस्तेमाल नहीं करेगी। जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह संविधान के तहत ही होगा।”
गौरतलब है कि UGC के नए नोटिफिकेशन के खिलाफ विभिन्न राज्यों में छात्र और शिक्षक संगठनों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं। सरकार के इस बयान को विवाद को शांत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

