थाईलैंड की राजकुमारी बज्रकितियाभा नरेन्द्रदेब्यावती का 47 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वह पिछले तीन साल से कोमा में थीं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। उनके निधन की पुष्टि थाई सरकार और शाही परिवार की ओर से की गई है। उनके निधन पर भारत समेत कई देशों ने शोक व्यक्त किया है।
2022 से कोमा में थीं राजकुमारी
जानकारी के अनुसार, राजकुमारी बज्रकितियाभा वर्ष 2022 में हृदय संबंधी गंभीर समस्या के चलते अचानक बीमार पड़ गई थीं। उस समय वह थाईलैंड के नाखोन राचासीमा प्रांत में अपने पालतू कुत्ते के साथ ट्रेनिंग कर रही थीं, तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह अचानक गिर पड़ीं।
इसके बाद उन्हें बैंकॉक के किंग चुलालोंगकोर्न मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका लंबे समय तक इलाज चलता रहा। लेकिन तीन साल तक कोमा में रहने के बाद 11 जून 2026 को उन्होंने अंतिम सांस ली।
अस्पताल में हुआ निधन
शाही गृह ब्यूरो के अनुसार, डॉक्टरों की लगातार निगरानी और उपचार के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका। गुरुवार शाम 7 बजकर 48 मिनट पर अस्पताल में उनका निधन हुआ। बताया गया कि बड़ी आंत में संक्रमण और अन्य जटिलताओं के कारण उनके शरीर के कई अंग प्रभावित हो गए थे।
थाई शाही परिवार में शोक
राजकुमारी बज्रकितियाभा, थाईलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न की सबसे बड़ी पुत्री थीं। उनके निधन के बाद पूरे थाई शाही परिवार में शोक का माहौल है। थाई सरकार ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सार्वजनिक सेवा और कूटनीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
भारत ने जताया शोक
बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास ने भी राजकुमारी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। दूतावास ने कहा कि इस कठिन समय में भारत की संवेदनाएं थाईलैंड के शाही परिवार और जनता के साथ हैं। भारत ने उनके सार्वजनिक जीवन और सेवा कार्यों में योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी है।
दुनिया भर में शोक की लहर
राजकुमारी के निधन की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शोक की लहर है। विभिन्न देशों और शाही परिवारों ने संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

