मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 25 अगस्त को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। मिले-जुले वैश्विक संकेतों और शुरुआती कारोबार में निवेशकों की बिकवाली के चलते घरेलू बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में खुले। सेंसेक्स में करीब 189 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार की कमजोर शुरुआत से निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है।
सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 188.92 अंक यानी करीब 0.24 फीसदी की गिरावट के साथ 77,180.19 के स्तर पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 82.25 अंक टूटकर 24,136.80 के स्तर पर पहुंच गया। इस तरह निफ्टी शुरुआती कारोबार में 24,200 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया।
बाजार का दायरा हालांकि पूरी तरह नकारात्मक नहीं रहा। शुरुआती कारोबार में करीब 1,256 शेयरों में तेजी, जबकि 1,051 शेयरों में गिरावट देखने को मिली। वहीं, 194 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल
निफ्टी के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में HDFC लाइफ, सिप्ला, मैक्स हेल्थकेयर, टाटा कंज्यूमर और अडानी एंटरप्राइजेज शामिल रहे। इनमें सिप्ला के शेयर में कमजोरी खास तौर पर नजर आई।
दूसरी ओर, कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली। TCS, इटरनल, अडानी पोर्ट्स, टाटा स्टील और इंफोसिस शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में रहे।
निफ्टी 50 में इटरनल करीब 0.70 फीसदी, ट्रेंट 0.65 फीसदी और अडानी पोर्ट्स 0.59 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं, सिप्ला में करीब 1.20 फीसदी, हिंडाल्को में 1.14 फीसदी और HCL टेक में करीब 0.91 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टोरल इंडेक्स में मिला-जुला कारोबार
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। निफ्टी IT और निफ्टी PSU बैंक में करीब 0.09 फीसदी की मामूली बढ़त रही। वहीं, निफ्टी एनर्जी में 0.39 फीसदी, PSE में 0.37 फीसदी, FMCG में 0.32 फीसदी और फार्मा इंडेक्स में 0.24 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा निफ्टी बैंक, रियल्टी और इंफ्रा इंडेक्स भी शुरुआती कारोबार में दबाव में रहे। बैंक निफ्टी में करीब 0.14 फीसदी, रियल्टी में 0.16 फीसदी और इंफ्रा इंडेक्स में 0.19 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली।
ग्लोबल संकेतों का बाजार पर असर
भारतीय बाजार की कमजोर शुरुआत के पीछे वैश्विक बाजारों से मिले सुस्त और मिले-जुले संकेतों को प्रमुख वजह माना जा रहा है। पिछले कारोबारी सत्र में भी घरेलू बाजार पर दबाव देखने को मिला था। ऐसे में निवेशक फिलहाल वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, भू-राजनीतिक परिस्थितियों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
आने वाले कारोबार में बाजार की दिशा तय करने में बैंकिंग, IT और अन्य प्रमुख कंपनियों के शेयरों की चाल अहम रह सकती है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि निफ्टी 24,200 के स्तर को दोबारा हासिल कर पाता है या नहीं।

