25 साल बाद भी नहीं फीकी पड़ी ‘लगान’ की चमक, आज भी IMDb पर 8.1 रेटिंग के साथ कायम है क्रेज
Lagaan Movie: भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो समय के साथ और भी ज्यादा यादगार बन जाती हैं। ऐसी ही एक फिल्म है ‘लगान’, जिसने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की बल्कि भारत को ऑस्कर तक भी पहुंचाया। आज इस फिल्म को रिलीज हुए करीब 25 साल हो चुके हैं, लेकिन इसका क्रेज आज भी दर्शकों के बीच बरकरार है।
साल 2001 में रिलीज हुई ‘लगान’ को उस समय कई फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गजों ने फ्लॉप करार दिया था। फिल्म की लंबी कहानी और अनोखे विषय को लेकर शुरुआत में काफी संशय था। यहां तक कि कई कलाकारों और लेखकों ने भी इस प्रोजेक्ट पर सवाल उठाए थे। लेकिन जब फिल्म सिनेमाघरों में आई, तो इसने सभी आलोचनाओं को गलत साबित कर दिया।
आमिर खान और ग्रेसी सिंह की यादगार जोड़ी
आशुतोष गोवारिकर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आमिर खान और ग्रेसी सिंह ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। आमिर खान का ‘भुवन’ का किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में बसा हुआ है। फिल्म की कहानी एक छोटे से गांव और अंग्रेजों के खिलाफ क्रिकेट मैच के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसने दर्शकों को भावनात्मक और प्रेरणादायक अनुभव दिया।
बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता
‘लगान’ ने अपने बजट से कई गुना ज्यादा कमाई की। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 24 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 65 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन किया था। उस समय यह एक बड़ी उपलब्धि मानी गई थी और फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी।
ऑस्कर में भारत की आधिकारिक एंट्री
‘लगान’ को भारत की तरफ से 74वें अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) के लिए आधिकारिक एंट्री के रूप में भेजा गया था। हालांकि फिल्म अंतिम चरण में पुरस्कार नहीं जीत पाई, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसने भारतीय सिनेमा को नई पहचान दिलाई। इसे ऑस्कर में नामांकित होना ही एक बड़ी उपलब्धि माना गया।
आज भी उतनी ही लोकप्रिय
रिलीज के 25 साल बाद भी ‘लगान’ दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। IMDb पर इस फिल्म को 8.1 की शानदार रेटिंग प्राप्त है, जो इसकी गुणवत्ता और प्रभाव को दर्शाती है। फिल्म के गाने, कहानी और किरदार आज भी लोगों की पसंद बने हुए हैं।
क्यों खास है ‘लगान’?
‘लगान’ सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि संघर्ष, उम्मीद और आत्मविश्वास की कहानी है। यह फिल्म दिखाती है कि कैसे एक छोटा सा गांव बड़े साम्राज्य को चुनौती दे सकता है। इसी वजह से यह आज भी प्रेरणा का स्रोत मानी जाती है।
आज 25 साल बाद भी ‘लगान’ भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में से एक है, जिसे दर्शक बार-बार देखना पसंद करते हैं और नई पीढ़ी भी इसे उतने ही उत्साह से देखती है जितना पहली बार देखा गया था।

