IIT से IAS और फिर संगीत की राह, कशिश मित्तल की कहानी ने लोगों को किया प्रेरित
भारत में Union Public Service Commission की परीक्षा पास करना लाखों युवाओं का सपना होता है। वहीं Indian Institute of Technology Delhi जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से पढ़ाई करने वाले छात्रों को देश की सबसे प्रतिभाशाली युवा पीढ़ी में गिना जाता है। ऐसे में अगर कोई शख्स IIT से पढ़ाई करने के बाद IAS बने और फिर अपनी इच्छा से वह प्रतिष्ठित नौकरी छोड़ दे, तो यह हर किसी को चौंकाने वाला फैसला लगता है। कुछ ऐसी ही कहानी है Kashish Mittal की, जिन्होंने प्रशासनिक सेवा का रुतबा छोड़कर अपने संगीत प्रेम को चुना।
बचपन से ही मेधावी रहे कशिश
जालंधर में जन्मे और दिल्ली में पले-बढ़े कशिश मित्तल शुरू से ही पढ़ाई में बेहद तेज थे। उन्होंने IIT-JEE जैसी कठिन परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की और इसके बाद Indian Institute of Technology Delhi से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया।
उनकी प्रतिभा यहीं नहीं रुकी। महज 21 साल की उम्र में उन्होंने UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने का सपना भी पूरा कर लिया। प्रशासनिक सेवा में उन्होंने करीब नौ साल तक काम किया और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
कई अहम पदों पर किया काम
Kashish Mittal ने अपने प्रशासनिक करियर के दौरान चंडीगढ़ के अतिरिक्त उपायुक्त और अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले के उपायुक्त जैसे अहम पदों पर काम किया। इसके अलावा उन्होंने नीति आयोग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनका करियर तेजी से सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंच रहा था, लेकिन इसी दौरान उनके भीतर का कलाकार लगातार उन्हें पुकार रहा था।
संगीत से था गहरा लगाव
कशिश मित्तल के जीवन में संगीत सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि उनकी पहचान रहा है। उनकी मां ने बचपन में ही उन्हें संगीत से जोड़ दिया था। महज आठ साल की उम्र से उन्होंने शास्त्रीय संगीत सीखना शुरू कर दिया था।
उन्होंने आगरा घराने की परंपरा में संगीत की शिक्षा ली और प्रतिष्ठित गुरु पंडित यशपाल से प्रशिक्षण प्राप्त किया। पढ़ाई और UPSC की तैयारी के बीच भी उन्होंने संगीत से दूरी नहीं बनाई।
कम उम्र में ही उन्होंने बड़े मंचों पर प्रस्तुतियां देनी शुरू कर दी थीं। आज वे All India Radio और Doordarshan के ‘ए’ ग्रेड कलाकार भी हैं।
उन्हें संगीत के क्षेत्र में ‘नाद श्री’ और ‘सरस्वती सम्मान’ जैसे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है।
2019 में लिया बड़ा फैसला
साल 2019 कशिश मित्तल की जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। प्रशासनिक जिम्मेदारियों और संगीत की साधना के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण उन्होंने IAS पद से इस्तीफा देने का फैसला किया।
उनका यह निर्णय कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि जिस नौकरी को पाने के लिए लाखों युवा सालों मेहनत करते हैं, उसे उन्होंने अपनी इच्छा से छोड़ दिया।
तकनीक और संगीत दोनों में सक्रिय
IAS छोड़ने के बाद कशिश ने तकनीक की दुनिया में कदम रखा और Microsoft में करीब पांच साल तक काम किया।
इसके बाद मार्च 2025 में उन्होंने ‘दिशा AI’ नाम से अपना स्टार्टअप शुरू किया, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सामाजिक जरूरतों पर आधारित काम कर रहा है।
लोगों के लिए बने प्रेरणा
Kashish Mittal की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो अपने जुनून और करियर के बीच उलझे रहते हैं। उन्होंने साबित किया कि जिंदगी में सिर्फ प्रतिष्ठा ही नहीं, बल्कि आत्मसंतोष और खुशी भी मायने रखती है।
आज कशिश मित्तल प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बावजूद अपनी अलग पहचान बना चुके हैं और संगीत, तकनीक व उद्यमिता—तीनों क्षेत्रों में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं।

