दांबुला में खेली जा रही ट्राई नेशन ए सीरीज 2026 के चौथे मुकाबले में इंडिया ए को अपनी ही गलती का खामियाजा भुगतना पड़ा। श्रीलंका ए के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम बल्लेबाजी करते हुए 265 रन पर ऑलआउट हो गई, लेकिन मैच के दौरान हुई एक तकनीकी गलती ने टीम की मुश्किलें और बढ़ा दीं। युवा ऑलराउंडर विपराज निगम की दो बार हुई चूक के कारण श्रीलंका ए को कुल 10 रन पेनल्टी के रूप में मिल गए, जिसने मुकाबले का रुख बदलने में अहम भूमिका निभाई।
पहले बल्लेबाजी करते हुए इंडिया ए की शुरुआत कुछ खास नहीं रही, लेकिन मध्यक्रम में सूर्यांश शेडगे ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 72 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उनकी पारी की बदौलत टीम सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रही। हालांकि, भारतीय बल्लेबाजों की एक बड़ी गलती ने इस प्रयास पर पानी फेर दिया।
दरअसल, क्रिकेट के नियमों के अनुसार बल्लेबाजों को दौड़ते समय पिच के सुरक्षित हिस्से का उपयोग करना होता है। बार-बार पिच के बीच वाले हिस्से पर दौड़ना नियमों का उल्लंघन माना जाता है, क्योंकि इससे विकेट को नुकसान पहुंच सकता है। इसी नियम के तहत इंडिया ए को पेनल्टी का सामना करना पड़ा।
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब भारतीय बल्लेबाज अनुकूल रॉय को पिच के बीच से दौड़ने के लिए अंपायरों ने चेतावनी दी। हालांकि इसके बाद वह आउट हो गए, लेकिन चेतावनी पूरी टीम पर लागू रही। नियमों के मुताबिक अगली बार किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा वही गलती दोहराने पर विपक्षी टीम को पांच रन पेनल्टी के रूप में दिए जाने थे।
35वें ओवर में बल्लेबाजी कर रहे विपराज निगम पहली बार पिच के बीच से दौड़ गए। अंपायरों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए श्रीलंका ए को पांच रन पेनल्टी के तौर पर प्रदान कर दिए। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाज अपनी गलती से सबक नहीं ले सके।
हैरानी की बात यह रही कि केवल दो ओवर बाद विपराज निगम ने एक बार फिर वही गलती दोहरा दी। स्पिनर कुगाथास मैथुलन की गेंद को थर्ड मैन की दिशा में खेलने के बाद उन्होंने रन लेने की कोशिश की। हालांकि दूसरे छोर पर मौजूद सूर्यांश शेडगे ने उन्हें वापस भेज दिया, लेकिन तब तक वह पिच के बीच वाले हिस्से पर दौड़ चुके थे। अंपायरों ने दूसरी बार भी पांच रन की पेनल्टी लगा दी।
इस तरह श्रीलंका ए को कुल 10 अतिरिक्त रन मिल गए। इसका असर यह हुआ कि लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने अपनी पारी 10/0 के स्कोर से शुरू की। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित ओवरों के मुकाबलों में ऐसे अतिरिक्त रन मैच के परिणाम पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।
इंडिया ए के लिए यह घटना युवा खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख साबित हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केवल बल्लेबाजी और गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि खेल के नियमों की पूरी जानकारी भी उतनी ही जरूरी होती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम इस गलती से सबक लेकर आगामी मुकाबलों में कैसा प्रदर्शन करती है।

