देश के कई हिस्सों में मानसून की तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सबसे गंभीर स्थिति असम में बनी हुई है, जहां बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 97 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के 15 जिलों में 1.68 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। दूसरी ओर, गुरुग्राम में लगातार हो रही बारिश के कारण जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है, जिसके चलते प्रशासन ने कंपनियों और कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) की एडवाइजरी जारी की है।
असम में राहत और बचाव अभियान तेज
असम में बाढ़ से प्रभावित इलाकों में केंद्र और राज्य सरकार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। कई जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, बाढ़ के कारण हजारों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई गांवों का संपर्क सड़क मार्ग से कट गया है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में चुनौतियां सामने आ रही हैं।
झारखंड सरकार ने बढ़ाया मदद का हाथ
असम के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए झारखंड सरकार ने भी आर्थिक मदद की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम के मुख्यमंत्री राहत कोष में 3 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। इस कदम को अंतरराज्यीय सहयोग और मानवीय संवेदनशीलता का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
झारखंड सरकार ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में असम के लोगों के साथ खड़ा रहना सभी राज्यों की जिम्मेदारी है।
गुरुग्राम में बारिश से बिगड़े हालात
वहीं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के गुरुग्राम में भारी बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। कई पॉश सोसाइटियां जलमग्न हो गईं, प्रमुख सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और कई जगहों पर वाहन पानी में फंस गए। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कारें और बसें तेज बहाव में बहती नजर आ रही हैं।
गुरुग्राम में हर साल बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है और इस बार भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। शहर के कई अंडरपास, मुख्य सड़कें और रिहायशी इलाके पानी से भर गए, जिससे लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम और आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासन ने जारी की वर्क फ्रॉम होम एडवाइजरी
मौसम विभाग ने गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने कंपनियों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने पर विचार करने की सलाह दी है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें। साथ ही आपातकालीन स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने को कहा गया है।
एक तरफ असम में बाढ़ ने लाखों लोगों का जीवन प्रभावित किया है, तो दूसरी ओर गुरुग्राम में शहरी जलभराव ने बुनियादी ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले दिनों में दोनों राज्यों में प्रशासन की सतर्कता और राहत कार्यों की गति बेहद महत्वपूर्ण रहेगी।

