5 May 2026, Tue

13 साल तक देश की सेवा करने वाला मेजर, फिर बना एक्टर, कहलाए टैलेंट का खजाना, महामारी ने ली जान

आर्मी मेजर से अभिनेता तक: बिक्रमजीत कंवरपाल की प्रेरणादायक कहानी

मनोरंजन जगत में कई ऐसे कलाकार हैं, जिन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई। इन्हीं में एक नाम बिक्रमजीत कंवरपाल का भी है, जो भारतीय सेना में मेजर के पद पर सेवा देने के बाद फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बने। उनका जीवन संघर्ष, अनुशासन और जुनून की मिसाल है।

हिमाचल प्रदेश के सोलन में जन्मे बिक्रमजीत कंवरपाल का बचपन सेना के माहौल में बीता। उनके पिता मेजर द्वारका नाथ कंवरपाल भारतीय सेना के सम्मानित अधिकारी थे और ‘कीर्ति चक्र’ से सम्मानित भी रह चुके थे। ऐसे में कंवरपाल की परवरिश सख्त अनुशासन और देशभक्ति के माहौल में हुई। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा देश के प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक लॉरेंस स्कूल, सनवार से पूरी की। यहीं से उनके भीतर अभिनय के प्रति रुचि भी विकसित हुई, हालांकि करियर के तौर पर उन्होंने पहले सेना को चुना।

कंवरपाल ने भारतीय सेना की आर्मर्ड कॉर्प्स यूनिट ‘हॉडसन्स हॉर्स’ में कमीशन प्राप्त किया और लगभग 13 वर्षों तक देश की सेवा की। इस दौरान उन्होंने दुनिया के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक सियाचिन ग्लेशियर में भी अपनी सेवाएं दीं। सेना में बिताया गया समय उनके व्यक्तित्व को मजबूत, अनुशासित और आत्मविश्वासी बनाने में अहम रहा।

हालांकि उनके भीतर छिपा कलाकार हमेशा सक्रिय रहा। 34 वर्ष की उम्र में सेना से रिटायरमेंट लेने के बाद उन्होंने अपने अभिनय के सपने को साकार करने के लिए मुंबई का रुख किया। शुरुआती संघर्षों के बाद उन्हें साल 2003 में पूजा भट्ट की फिल्म ‘पाप’ से अभिनय की दुनिया में पहला मौका मिला। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना ली।

बिक्रमजीत कंवरपाल की खास बात यह रही कि उन्होंने कभी औपचारिक रूप से अभिनय की ट्रेनिंग नहीं ली, लेकिन अपनी प्राकृतिक प्रतिभा और अनुभव के दम पर उन्होंने हर किरदार को जीवंत बना दिया। उन्होंने फिल्मों में कॉर्पोरेट अधिकारी, पुलिस कमिश्नर और सख्त बॉस जैसे कई अलग-अलग किरदार निभाए। ‘रॉकेट सिंह’, ‘मर्डर 2’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को सराहा गया।

फिल्मों के अलावा उन्होंने टीवी और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी अपनी छाप छोड़ी। ‘स्पेशल ऑप्स’, ‘योर ऑनर’, ‘अदालत’, ‘24’ और ‘भौकाल’ जैसी चर्चित सीरीज में उनके काम ने दर्शकों को प्रभावित किया। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और गंभीर अभिनय शैली ने उन्हें इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दिलाई।

बिक्रमजीत कंवरपाल का जीवन यह साबित करता है कि अगर जुनून और लगन हो, तो किसी भी उम्र में अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है। सेना से लेकर अभिनय तक का उनका सफर न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दिखाता है कि प्रतिभा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होती। उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।

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