भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 10 अगस्त को सकारात्मक शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 100 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 24,600 के करीब पहुंच गया। बाजार में ऑटो, एफएमसीजी, रियल्टी और फार्मा सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 155.51 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,654.68 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 50 में 42.10 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 24,612.75 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। हालांकि शुरुआती सत्र में बाजार की चाल सीमित दायरे में रही और निवेशक प्रमुख घरेलू व वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।
ऑटो और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी
सोमवार के शुरुआती कारोबार में ऑटो कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, त्योहारों के मौसम से पहले मांग में संभावित सुधार की उम्मीद से निवेशकों की रुचि ऑटो सेक्टर में बनी हुई है। इसके अलावा एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी रही, क्योंकि निवेशकों को ग्रामीण मांग और उपभोक्ता खर्च में सुधार की संभावना दिखाई दे रही है।
रियल्टी और फार्मा सेक्टर के शेयरों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। रियल एस्टेट कंपनियों में खरीदारी की वजह ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और आवासीय मांग में स्थिरता मानी जा रही है, जबकि फार्मा शेयरों को रक्षात्मक निवेश के तौर पर समर्थन मिला।
बाजार की चौड़ाई रही सकारात्मक
शुरुआती कारोबार में बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, लगभग 1,689 शेयरों में तेजी, 1,337 शेयरों में गिरावट, जबकि करीब 193 शेयरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। यह संकेत देता है कि बाजार में चुनिंदा सेक्टरों और मिडकैप शेयरों में निवेशकों की सक्रियता बनी हुई है।
विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल बाजार किसी बड़े ट्रिगर का इंतजार कर रहा है। निवेशकों की नजर घरेलू आर्थिक आंकड़ों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के निवेश रुख, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों के संकेतों पर बनी हुई है।
वैश्विक संकेतों का असर
एशियाई बाजारों में मिले-जुले रुख के बीच भारतीय बाजार ने हल्की बढ़त के साथ शुरुआत की। अमेरिका और यूरोप के बाजारों से मिले संकेतों का असर भी निवेशकों की धारणा पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है और वैश्विक बाजारों में स्थिरता बनी रहती है, तो भारतीय बाजार को आगे भी समर्थन मिल सकता है।
हालांकि, ऊंचे वैल्यूएशन, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक बाजार की तेजी को सीमित कर सकते हैं। इसलिए निवेशकों को फिलहाल सेक्टर आधारित रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार की मौजूदा चाल यह संकेत देती है कि निवेशक फिलहाल आक्रामक खरीदारी के बजाय चुनिंदा गुणवत्ता वाले शेयरों पर ध्यान दे रहे हैं। यदि निफ्टी 24,600 के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं सेंसेक्स के लिए 78,800-79,000 का स्तर निकट अवधि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक रही और प्रमुख सूचकांकों ने सीमित लेकिन स्थिर बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की।

