अगस्त की शुरुआत से ही सोना और चांदी की कीमतों में तेज बढ़त का सिलसिला जारी है। भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंच गए हैं। महज एक सप्ताह के भीतर एमसीएक्स पर सोने की कीमत करीब ₹10,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत ₹20,000 प्रति किलोग्राम तक बढ़ गई है। इस तेजी ने निवेशकों के साथ-साथ आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है।
10 अगस्त को एमसीएक्स पर सोने का वायदा भाव ₹1,52,050 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। वहीं 3 अगस्त को यही भाव करीब ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम था। यानी सिर्फ सात दिनों में सोने में लगभग ₹10,000 की तेजी दर्ज की गई। इसी तरह चांदी के फ्यूचर्स भाव ₹2,34,030 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए, जबकि 3 अगस्त को यह करीब ₹2.14 लाख प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। इस तरह चांदी में भी एक हफ्ते के भीतर ₹20,000 से अधिक की बढ़त देखने को मिली।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी ऊंचे बने हुए हैं दाम
वैश्विक बाजार में सोमवार को मुनाफावसूली के कारण सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड लगभग 0.5 प्रतिशत गिरकर 4,322.28 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। हालांकि इससे पहले अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के कमजोर रहने के बाद सोना सात सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी हल्की गिरावट के साथ 4,381.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहे थे।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की नजर अब अमेरिका के मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती पर टिकी हुई है। यदि ब्याज दरों में कटौती की संभावना मजबूत होती है, तो सोने और चांदी की कीमतों को आगे भी समर्थन मिल सकता है।
प्रमुख शहरों में सोने-चांदी के भाव
10 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,51,000 से ₹1,52,200 प्रति 10 ग्राम के बीच रही। नई दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,51,190, मुंबई में ₹1,51,450, बेंगलुरु में ₹1,51,570, कोलकाता में ₹1,51,250 और चेन्नई में ₹1,52,220 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं चांदी की कीमतें ₹2.32 लाख से ₹2.34 लाख प्रति किलोग्राम के बीच रहीं।
कीमतों में तेजी की बड़ी वजह
एलकेपी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी के अनुसार, बीते सप्ताह सोने में करीब 6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसकी प्रमुख वजह अमेरिका में उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़े रहे, जिससे वहां ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ गई। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में कमजोरी आने से भी निवेशकों ने सोने और चांदी में खरीदारी बढ़ाई।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग भी कीमती धातुओं की कीमतों को ऊंचा बनाए हुए है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यही रुख जारी रहता है, तो घरेलू बाजार में भी सोना और चांदी नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
त्योहारी और शादी के सीजन से पहले कीमतों में आई इस तेज बढ़त ने उपभोक्ताओं के लिए खरीदारी महंगी कर दी है। ऐसे में बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचने और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर नजर बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।

