अगर आप आने वाले दिनों में टाटा मोटर्स की कोई कमर्शियल गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है। कंपनी ने अपने कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई कीमतें 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी। कंपनी के मुताबिक, कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 1 फीसदी तक की बढ़ोतरी की जाएगी।
हालांकि, सभी वाहनों की कीमतों में एक समान इजाफा नहीं होगा। कीमत कितनी बढ़ेगी, यह संबंधित मॉडल और उसके वेरिएंट पर निर्भर करेगा। ऐसे में अक्टूबर से कमर्शियल वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को मौजूदा कीमतों की तुलना में ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ सकती है।
बढ़ती लागत के चलते लिया फैसला
कंपनी ने कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे बढ़ती कमोडिटी कीमतों और अन्य इनपुट लागत को प्रमुख वजह बताया है। वाहन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतों में बदलाव के साथ-साथ उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई से जुड़ी लागत का असर भी कंपनियों पर पड़ता है।
बढ़ती लागत का कुछ हिस्सा कम करने के लिए ऑटोमोबाइल कंपनियां समय-समय पर वाहनों की कीमतों में संशोधन करती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत कमर्शियल वाहनों की कीमतों में अक्टूबर से यह नया बदलाव किया जा रहा है।
इस साल दूसरी बार बढ़ेंगे कमर्शियल वाहनों के दाम
टाटा मोटर्स के कमर्शियल व्हीकल कारोबार में इस साल यह दूसरी कीमत बढ़ोतरी होगी। इससे पहले 1 अप्रैल 2026 से कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 1.5 फीसदी तक का इजाफा किया गया था। उस समय भी कंपनी ने कमोडिटी और इनपुट लागत में बढ़ोतरी को कीमत संशोधन की वजह बताया था।
अब अक्टूबर में एक बार फिर कीमतें बढ़ने से ट्रक, बस और अन्य कमर्शियल वाहन खरीदने वाले ग्राहकों के बजट पर असर पड़ सकता है। खास तौर पर छोटे कारोबारियों, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और ऐसे लोगों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है, जो व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए नया वाहन खरीदने की तैयारी कर रहे हैं।
पैसेंजर वाहनों की कीमतों में भी हुआ बदलाव
कमर्शियल वाहनों के अलावा कंपनी ने इस साल अपने पैसेंजर व्हीकल कारोबार में भी कीमतों में बदलाव किए हैं। 1 जुलाई 2026 से पैसेंजर व्हीकल रेंज की कीमतों में 1.5 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई थी। इस बदलाव के दायरे में पेट्रोल और डीजल इंजन वाले वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक मॉडल भी शामिल थे।
इससे पहले 1 अप्रैल 2026 से कंपनी ने अपने इंटरनल कम्बशन इंजन यानी ICE मॉडल की कीमतों में करीब 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। कुछ वेरिएंट में यह इजाफा 1.09 फीसदी तक रहा था। हालांकि, इसी दौरान कुछ मॉडलों की कीमतों में मामूली कटौती भी देखने को मिली थी।
कुल मिलाकर, 1 अक्टूबर से कमर्शियल वाहनों की कीमतों में होने वाला नया बदलाव वाहन खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है। नई कीमतों के लागू होने के बाद अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के अनुसार ग्राहकों को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।

