नई दिल्ली: महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए इसे अपने और अपने समर्थकों के लिए राहत का क्षण बताया।
कोर्ट के फैसले के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें शुरू से न्यायपालिका पर भरोसा था और यदि उनके खिलाफ कोई आरोप साबित होता, तो वह उसके परिणाम स्वीकार करने के लिए तैयार थे।
‘होइहि सोइ जो राम रचि राखा’
राजनीति में संभावित वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “होइहि सोइ जो राम रचि राखा”, यानी जो होना है वही होगा। उन्होंने कहा कि वह अदालत के पूरे आदेश को पढ़ने के बाद ही मामले पर विस्तार से टिप्पणी करेंगे।
उन्होंने अपनी कानूनी टीम का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि इस पूरे मामले में उनके वकीलों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘कोर्ट ने सम्मान के साथ बरी किया’
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जब उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था, तब उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यदि कोई भी आरोप अदालत में साबित होता है, तो वह उसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा, “आज कोर्ट ने मुझे सम्मान के साथ बरी किया है। यह मेरे और मेरे समर्थकों के लिए खुशी की बात है। आज खुशी का दिन है।”
उन्होंने यह भी कहा कि लगभग तीन वर्षों तक चले इस मामले के बाद अदालत का फैसला उनके लिए महत्वपूर्ण है और वह विस्तृत आदेश आने के बाद आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।
विनोद तोमर को भी मिली राहत
इस मामले में WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी अदालत ने बरी कर दिया है। अदालत के फैसले के बाद दोनों पक्षों के समर्थकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
यह मामला 2023 में उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था, जब कई महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
‘मुझे न्याय मिलने का भरोसा था’
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने हमेशा खुद को निर्दोष माना और उन्हें विश्वास था कि न्यायालय से उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि वह खिलाड़ियों, खासकर जूनियर एथलीटों के अधिकारों के लिए काम करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि इस कठिन दौर में उनका परिवार और समर्थक उनके साथ मजबूती से खड़े रहे।
‘किसी को बद्दुआ नहीं दूंगा’
अपने बयान में उन्होंने कहा कि वह किसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखते। उन्होंने कहा, “मैं आज किसी को बद्दुआ नहीं दूंगा। जो हुआ, वह सबके सामने है।”
उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग ऐसे मामलों में मानसिक दबाव के कारण टूट जाते हैं, लेकिन उन्हें अपने ऊपर लगे आरोपों के बारे में शुरू से विश्वास था कि अदालत में सच्चाई सामने आएगी।
आगे की कानूनी स्थिति
फिलहाल अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद बृजभूषण शरण सिंह को इस मामले में राहत मिल गई है। हालांकि, अदालत के विस्तृत आदेश का अध्ययन किए जाने के बाद ही आगे की कानूनी और राजनीतिक स्थिति स्पष्ट होगी।
यह फैसला भारतीय खेल जगत के सबसे चर्चित मामलों में से एक के महत्वपूर्ण चरण का अंत माना जा रहा है।

