1 Oct 2026, Thu

हीरो बनकर उभरे स्मित मच्छार, पीएम मोदी, नेतन्याहू, संघ और RJD सांसद समेत कई नेताओं और संगठन ने की तारीफ

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई एक गंभीर घटना के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार चर्चा में हैं। उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुई झड़प में कैप्टन स्मित घायल हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने धैर्य बनाए रखा और विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए। इस घटना के बाद देश-विदेश से उनके साहस की सराहना की जा रही है।

फ्लाइट FZ1073 में हुई इस घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक शहर में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। भारतीय दूतावास से मिली जानकारी के अनुसार, कैप्टन स्मित की सर्जरी की गई और अब उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं, घटना के पूरे घटनाक्रम और इसके पीछे के कारणों की जांच जारी है।

घायल होने के बाद भी संभाली स्थिति

बताया गया है कि उड़ान के दौरान कॉकपिट के अंदर अचानक गंभीर स्थिति पैदा हुई। इसी दौरान कैप्टन स्मित पर कथित तौर पर हमला हुआ और वह घायल हो गए। मुश्किल परिस्थिति के बावजूद उन्होंने विमान की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

जानकारी के मुताबिक, कैप्टन स्मित कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद चालक दल और यात्रियों ने भी स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। विमान को सुरक्षित तरीके से नजदीकी स्थान पर उतारा गया, जिसके बाद घायल कैप्टन को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।

पीएम मोदी ने की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए उनके साहस, धैर्य और सूझबूझ को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित के साहस की सराहना की। उनके अलावा भारत में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने भी इस घटना के दौरान कैप्टन, चालक दल और यात्रियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

परिवार मुंबई में, मूल संबंध गुजरात से

कैप्टन स्मित मच्छार का परिवार मुंबई में रहता है, जबकि उनका मूल संबंध गुजरात से बताया जाता है। एविएशन क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव है और वह बोइंग 737 विमान के अनुभवी कैप्टन बताए जाते हैं।

उनके करियर की बात करें तो वह पहले स्पाइसजेट के साथ भी काम कर चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने वहां करीब 11 साल तक सेवाएं दीं। इसके बाद जून 2022 में वह फ्लाईदुबई से जुड़े। लंबे अनुभव के कारण मुश्किल परिस्थितियों में उनके निर्णय लेने की क्षमता को अहम माना जा रहा है।

कई लोगों ने किया सलाम

कैप्टन स्मित की बहादुरी की प्रधानमंत्री और इजरायली नेतृत्व के अलावा आरजेडी सांसद मनोज झा तथा विभिन्न संगठनों और लोगों ने भी सराहना की है। उनकी कहानी अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

हालांकि घटना की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और घटना के कारणों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल कैप्टन स्मित की स्थिति स्थिर बताई गई है और उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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