तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को लेकर नया विवाद सामने आया है। डीएमके ने अपने आधिकारिक मुखपत्र ‘मुरासोली’ में प्रकाशित एक संपादकीय के जरिए विजय पर निशाना साधा है। मामला स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान अभिनेत्री तृषा कृष्णन की मौजूदगी और उनके बैठने की व्यवस्था से जुड़ा है। डीएमके ने आरोप लगाया कि तृषा को कार्यक्रम में पहली पंक्ति में बैठाया गया और मुख्यमंत्री विजय के साथ उनके अभिवादन को लेकर भी सवाल उठाए।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन की कथित टिप्पणी पहले ही राजनीतिक बहस का मुद्दा बन चुकी है। अब डीएमके के मुखपत्र में प्रकाशित संपादकीय के बाद मुख्यमंत्री विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) पर राजनीतिक हमले तेज होने की संभावना है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर विवाद
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर फोर्ट सेंट जॉर्ज में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री विजय के साथ उनकी पार्टी और परिवार से जुड़े लोग मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री तृषा कृष्णन भी पहली पंक्ति में बैठी नजर आईं। उनके साथ विजय के माता-पिता एसए चंद्रशेखर और शोभा चंद्रशेखर भी मौजूद थे।
समारोह के दौरान विजय और तृषा के एक-दूसरे का अभिवादन करने को लेकर डीएमके ने सवाल उठाए हैं। पार्टी के मुखपत्र ‘मुरासोली’ के संपादकीय में मुख्यमंत्री के व्यवहार की आलोचना करते हुए इसे पद की गरिमा के खिलाफ बताया गया है।
‘मुरासोली’ में विजय पर तीखा हमला
डीएमके के संपादकीय में मुख्यमंत्री विजय की कड़ी आलोचना की गई। पार्टी ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण सरकारी समारोह में एक अभिनेत्री को पहली पंक्ति में बैठाने और उनके साथ बार-बार अभिवादन करने का तरीका उचित नहीं था।
संपादकीय में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री पद की अपनी गरिमा और सार्वजनिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए विजय को इस तरह के व्यवहार से बचना चाहिए था। डीएमके ने इसे लेकर विजय की राजनीतिक और सार्वजनिक भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
पार्टी ने अपने संपादकीय में विजय के व्यवहार को लेकर तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए इसे शर्मनाक तक बताया। हालांकि, यह डीएमके के मुखपत्र में प्रकाशित राजनीतिक आलोचना है और इस पर मुख्यमंत्री विजय या उनकी पार्टी की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
तृषा को लेकर पहले भी हो चुका है विवाद
अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम इससे पहले भी तमिलनाडु की राजनीति में विवाद का केंद्र बन चुका है। डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के एक बयान को लेकर विवाद पैदा हुआ था। कावेरी विवाद को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान तृषा को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।
अब स्वतंत्रता दिवस समारोह में तृषा की मौजूदगी को लेकर डीएमके और विजय के बीच नया राजनीतिक टकराव देखने को मिल रहा है। इससे तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने विजय और डीएमके के बीच बढ़ती राजनीतिक खींचतान भी सामने आती है।
विजय की पार्टी के जवाब का इंतजार
डीएमके के हमले के बाद अब सबकी नजर मुख्यमंत्री विजय और उनकी पार्टी TVK की प्रतिक्रिया पर है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विजय या उनकी पार्टी ने ‘मुरासोली’ के संपादकीय में लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
तमिलनाडु में विजय के राजनीतिक पदार्पण के बाद से ही TVK और सत्तारूढ़ राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज रही है। ऐसे में तृषा कृष्णन से जुड़ा यह नया विवाद आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में और गर्मा सकता है।

