27 Oct 2026, Tue

सोशल मीडिया पर 21 लाख फॉलोअर्स, चुनाव में मिले सिर्फ 33 वोट; चर्चा में राजस्थान के ओमप्रकाश बिश्नोई की हार

वायरल न्यूज़ | चुनाव और सोशल मीडिया

सोशल मीडिया पर लाखों लोगों के बीच लोकप्रिय होना चुनाव में जीत की गारंटी नहीं है। इसकी एक दिलचस्प मिसाल हाल ही में सामने आई है, जहां इंटरनेट पर बड़ी पहचान रखने वाले एक सोशल मीडिया स्टार को सरपंच पद के चुनाव में महज 33 वोट मिले। सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं और उनके वीडियो भी काफी लोकप्रिय होते हैं, लेकिन जब गांव की सरकार चुनने की बारी आई, तो उन्हें मतदाताओं का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया।

इस चुनावी नतीजे ने सोशल मीडिया की लोकप्रियता और जमीनी स्तर पर मिलने वाले राजनीतिक समर्थन के बीच अंतर को चर्चा में ला दिया है।

सोशल मीडिया पर लाखों लोग करते हैं फॉलो

यह मामला पश्चिम भारत के एक राज्य के रेगिस्तानी क्षेत्र में रहने वाले सोशल मीडिया क्रिएटर से जुड़ा है। उनके इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट पर कुल मिलाकर 21 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म पर उनके पांच लाख से अधिक सब्सक्राइबर भी हैं।

उनके वीडियो अक्सर इंटरनेट पर वायरल होते हैं। खास तौर पर उनका देसी अंदाज, पारंपरिक तरीके से भोजन करना और खाने में भरपूर घी का इस्तेमाल करने वाले वीडियो लोगों का ध्यान खींचते हैं। इसी तरह की सामग्री के कारण उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

हालांकि, इंटरनेट पर इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुड़ाव होने के बावजूद चुनाव के दौरान उन्हें वैसा समर्थन नहीं मिला, जिसकी उम्मीद की जा रही थी।

सरपंच पद के लिए मैदान में उतरे थे

सोशल मीडिया क्रिएटर ने अपने क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत से सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ा था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित पंचायत में करीब 1,600 मतदाता थे। जब चुनाव के नतीजे सामने आए, तो उनके पक्ष में केवल 33 वोट दर्ज हुए।

इतने कम वोट मिलने के कारण उनका चुनावी प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने वाले किसी व्यक्ति को स्थानीय चुनाव में इतने कम मत मिलना इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि डिजिटल मंचों पर लोकप्रियता और मतदाताओं का वास्तविक समर्थन अलग-अलग हो सकते हैं।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनकी हार के सटीक कारणों का उल्लेख नहीं है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि उन्हें कम वोट किस वजह से मिले।

पंचायत चुनाव के पहले चरण के नतीजे घोषित

राज्य में 24 अक्टूबर 2026 को पंचायत चुनाव के पहले चरण के तहत पंच और सरपंच पदों के नतीजे घोषित किए गए थे। विभिन्न ग्राम पंचायतों में बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान कराया गया और मतगणना पूरी होने के बाद विजेताओं के नाम सामने आए।

इस चरण में कई उम्मीदवारों ने अलग-अलग मतों के अंतर से जीत दर्ज की। वहीं, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए पहले डाले गए वोटों की गिनती 20 नवंबर 2026 को निर्धारित बताई गई है। इसके बाद इन पदों के आधिकारिक नतीजे सामने आने की जानकारी दी गई है।

लोकप्रियता और चुनावी समर्थन में अंतर

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स होना और स्थानीय स्तर पर लोगों का भरोसा जीतना दो अलग बातें हैं। ऑनलाइन दर्शक किसी व्यक्ति के वीडियो पसंद कर सकते हैं, लेकिन चुनाव में वोट देने का फैसला स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवार की छवि और मतदाताओं की प्राथमिकताओं जैसे कई कारकों पर निर्भर कर सकता है।

कुल मिलाकर, लाखों फॉलोअर्स वाले इस सोशल मीडिया क्रिएटर को सरपंच चुनाव में सिर्फ 33 वोट मिलने की घटना चर्चा में है। यह नतीजा बताता है कि इंटरनेट पर लोकप्रियता अपने आप चुनावी जीत में नहीं बदलती।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *