सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, वैश्विक तनाव और ऊर्जा संकट का असर
सोमवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सुरक्षित निवेश के रूप में पहचाने जाने वाले सोने पर इस समय दबाव बना हुआ है, जिसकी प्रमुख वजह वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां और ऊर्जा बाजार में अस्थिरता मानी जा रही है।
Multi Commodity Exchange (एमसीएक्स) पर सुबह करीब 10:18 बजे सोने का जून 2026 वायदा अनुबंध 1.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,52,921 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी का मई 2026 वायदा अनुबंध 2.04 प्रतिशत गिरकर ₹2,51,889 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इससे साफ है कि कीमती धातुओं में निवेशकों का रुझान फिलहाल कमजोर पड़ा है।
अगर हाजिर बाजार की बात करें, तो देश के प्रमुख शहरों में भी सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली। New Delhi में 24 कैरेट सोना ₹15,544 प्रति ग्राम, 22 कैरेट ₹14,250 और 18 कैरेट ₹11,662 प्रति ग्राम पर रहा। वहीं Mumbai, Kolkata और Bengaluru में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹15,529 प्रति ग्राम दर्ज की गई। Chennai में यह कीमत थोड़ी अधिक होकर ₹15,600 प्रति ग्राम रही।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोना $4,800 प्रति औंस के अहम स्तर से नीचे आ गया, जिससे पिछले सप्ताह की बढ़त पूरी तरह खत्म हो गई। इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह Strait of Hormuz में बढ़ता तनाव और उससे जुड़ा ऊर्जा संकट बताया जा रहा है।
दरअसल, होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते टकराव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है। आमतौर पर महंगाई बढ़ने पर सोने में निवेश बढ़ता है, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंका के चलते निवेशक सोने से दूरी बना रहे हैं और अन्य विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
इसके अलावा, बाजार की नजर अब पाकिस्तान में संभावित वार्ता और मध्य-पूर्व में आगे की स्थिति पर टिकी हुई है। यदि तनाव कम होता है, तो सोने की कीमतों में स्थिरता आ सकती है, लेकिन अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि युद्ध और ऊर्जा संकट के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बना हुआ है, जिसका असर कमोडिटी मार्केट पर साफ दिख रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक सोने की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
कुल मिलाकर, फिलहाल सोने और चांदी के बाजार में अनिश्चितता का माहौल है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखते हुए सोच-समझकर निवेश करें। आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक स्थिति ही तय करेगी कि सोने की कीमतें किस दिशा में जाएंगी।

