4 Aug 2026, Tue

सुपरफूड से कम नहीं हैं इन सब्जियों के छिलके, फेंकने से पहले जान लें फायदे

रसोई में सब्जियां बनाते समय ज्यादातर लोग उनका छिलका उतारकर सीधे कूड़ेदान में फेंक देते हैं। लेकिन पोषण विशेषज्ञों के अनुसार कई सब्जियों के छिलकों में ऐसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो हमारे शरीर के लिए बेहद फायदेमंद हो सकते हैं। फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे तत्व अक्सर छिलकों में अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। ऐसे में अगर सही तरीके से इन्हें इस्तेमाल किया जाए तो यह हमारी डाइट को अधिक पौष्टिक बना सकते हैं।

एमबीबीएस और एमडी (जनरल मेडिसिन) विशेषज्ञ डॉ. शालिनी सिंह सालुंखे ने भी अपने एक वीडियो में बताया कि कुछ सब्जियों के छिलके बिना वजह फेंकने के बजाय उन्हें भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए यह जरूरी है कि सब्जियों को अच्छी तरह धोकर साफ किया जाए, ताकि उन पर मौजूद मिट्टी, कीटनाशक या अन्य अशुद्धियां हट सकें।

आलू का छिलका क्यों है फायदेमंद?

आलू के छिलके में पोटैशियम, विटामिन बी6 और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। वहीं पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और मांसपेशियों के सामान्य कार्य में सहायक माना जाता है। यदि आलू ताजा हो और उसका छिलका हरा या खराब न हो, तो उसे अच्छी तरह धोकर पकाया जा सकता है।

खीरे का छिलका भी रखें थाली में

खीरे के छिलके में फाइबर और विटामिन K अच्छी मात्रा में मौजूद होता है। यह पाचन, हाइड्रेशन और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है। ताजे और मुलायम छिलके वाले खीरे को छिलके सहित खाना अधिक पौष्टिक हो सकता है। सलाद या रायते में इसका उपयोग आसानी से किया जा सकता है।

गाजर का छिलका

गाजर के बाहरी हिस्से में बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। यदि गाजर को अच्छी तरह ब्रश से साफ कर लिया जाए, तो उसका पतला छिलका हटाने की आवश्यकता नहीं होती। इससे पोषक तत्वों का नुकसान भी कम होता है।

लौकी और तोरी के छिलके

लौकी और तोरी के कोमल छिलकों में फाइबर और कुछ आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं। कई घरों में इन छिलकों की चटनी, भुजिया या पराठे बनाकर उपयोग किया जाता है। इससे भोजन में फाइबर की मात्रा बढ़ सकती है।

बैंगन का छिलका

बैंगन के गहरे बैंगनी छिलके में एंथोसायनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए बैंगन को छिलके सहित पकाना कई बार बेहतर विकल्प माना जाता है।

किन बातों का रखें ध्यान?

हर सब्जी का छिलका खाने योग्य नहीं होता। बहुत मोटे, सख्त, कड़वे या खराब हो चुके छिलकों का सेवन नहीं करना चाहिए। बाजार से लाई गई सब्जियों को बहते पानी में अच्छी तरह धोना और जरूरत पड़ने पर ब्रश से साफ करना जरूरी है। जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्या, किडनी रोग या किसी विशेष आहार संबंधी प्रतिबंध हैं, उन्हें अपने डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार ही छिलकों का सेवन करना चाहिए।

छोटे-छोटे बदलाव हमारी डाइट को अधिक पौष्टिक बना सकते हैं। इसलिए अगली बार सब्जियों के छिलके फेंकने से पहले यह जरूर सोचें कि कहीं आप पोषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा तो बर्बाद नहीं कर रहे।

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