बांग्लादेश ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। हालांकि सीरीज के निर्णायक मुकाबले में जिम्बाब्वे को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम के कप्तान सिकंदर रजा ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। तीसरे टी20 मुकाबले में मैदान पर उतरते ही रजा जिम्बाब्वे के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने इस मामले में पूर्व कप्तान हैमिल्टन मसाकाद्जा का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए तीसरे और अंतिम टी20 मुकाबले के साथ सिकंदर रजा ने अपने करियर का 314वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। इसके साथ ही उन्होंने हैमिल्टन मसाकाद्जा के 313 मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि जिम्बाब्वे क्रिकेट के इतिहास में बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि रजा पिछले एक दशक से टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।
40 वर्षीय सिकंदर रजा ने वर्ष 2013 में बांग्लादेश के खिलाफ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। तब से अब तक उन्होंने तीनों प्रारूपों में जिम्बाब्वे का प्रतिनिधित्व करते हुए 22 टेस्ट, 156 वनडे और 136 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। अपनी उपयोगी बल्लेबाजी, प्रभावी ऑफ स्पिन गेंदबाजी और नेतृत्व क्षमता के दम पर उन्होंने जिम्बाब्वे क्रिकेट में एक अलग पहचान बनाई है।
जिम्बाब्वे की ओर से 300 या उससे अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब सिकंदर रजा पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। इस सूची में उनके बाद हैमिल्टन मसाकाद्जा (313 मैच) और ब्रेंडन टेलर (303 मैच) का नाम आता है। इसके अलावा ग्रांट फ्लावर (288 मैच) और एल्टन चिगुम्बुरा (281 मैच) भी शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हैं।
यदि सीरीज की बात करें तो जिम्बाब्वे ने पहला मुकाबला जीतकर शानदार शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद बांग्लादेश ने दमदार वापसी की। दूसरे टी20 में बांग्लादेश ने 34 रन से जीत दर्ज की, जबकि तीसरे और निर्णायक मुकाबले में चार विकेट से जीत हासिल कर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।
निर्णायक मैच में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 143 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की टीम ने सलामी बल्लेबाज तंजिद हसन की शानदार नाबाद 66 रन की पारी की बदौलत दो गेंद शेष रहते मुकाबला जीत लिया। तंजिद के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज दोनों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
हालांकि जिम्बाब्वे सीरीज अपने नाम नहीं कर सका, लेकिन सिकंदर रजा की ऐतिहासिक उपलब्धि इस मुकाबले की सबसे बड़ी चर्चा रही। उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि वह लंबे समय से जिम्बाब्वे क्रिकेट की रीढ़ रहे हैं और आने वाले समय में भी टीम के लिए अहम भूमिका निभाते रहेंगे।

