रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई है। इस मामले में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को भी आरोपी बनाया गया है। जांच का मुख्य केंद्र ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेन-देन तथा सरकारी ठेकों की रकम के कथित दुरुपयोग के आरोप हैं।
जानकारी के अनुसार, ईडी के डिप्टी डायरेक्टर की ओर से रामपुर के अजीमनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराएं शामिल की गई हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
रामपुर जेल में आजम खान से हुई पूछताछ
एफआईआर दर्ज होने से पहले मंगलवार को ईडी की एक टीम रामपुर जिला जेल पहुंची थी, जहां आजम खान से पूछताछ की गई। यह पूछताछ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की जांच के तहत की गई। अधिकारियों ने मामले के विभिन्न पहलुओं और जांच के दौरान सामने आए वित्तीय तथ्यों को लेकर उनसे सवाल किए। इस दौरान उनका बयान भी दर्ज किया गया।
जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सरकारी ठेकों से संबंधित धनराशि का इस्तेमाल किस प्रकार किया गया और क्या इस रकम का कोई हिस्सा कथित तौर पर निजी ठेकेदारों के माध्यम से ट्रस्ट या यूनिवर्सिटी से जुड़ी गतिविधियों में लगाया गया।
सरकारी ठेकों की रकम के इस्तेमाल पर सवाल
जांच का एक प्रमुख पहलू सरकारी ठेकों से लाभ प्राप्त करने वाले कुछ ठेकेदारों और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के बीच हुए कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है। एजेंसी को संदेह है कि सरकारी परियोजनाओं से संबंधित धनराशि को दूसरे कार्यों में स्थानांतरित किया गया हो सकता है। इसमें ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए संपत्तियों के निर्माण तथा अन्य खर्चों से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
ईडी वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेजों, लेन-देन के विवरण और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है, ताकि धन के स्रोत और उसके इस्तेमाल की पूरी जानकारी जुटाई जा सके।
पहले भी कई स्थानों पर हुई थी तलाशी
इस मामले में जांच एजेंसी ने इससे पहले धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आजम खान से संबंधित कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इसमें रामपुर और सहारनपुर के साथ दिल्ली के कुछ स्थान भी शामिल बताए गए थे। तलाशी के दौरान ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से संबंधित परिसरों तथा दस्तावेजों की जांच की गई।
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी रामपुर में स्थित एक निजी विश्वविद्यालय है, जिसकी स्थापना आजम खान ने वर्ष 2006 में की थी। विश्वविद्यालय और ट्रस्ट से संबंधित वित्तीय गतिविधियां अब जांच एजेंसी की पड़ताल का अहम हिस्सा हैं।
जांच के अगले चरण पर नजर
एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच महत्वपूर्ण होगी। ईडी का उद्देश्य कथित वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी धन के इस्तेमाल और संबंधित संस्थाओं के बीच हुए लेन-देन की कड़ियों को स्पष्ट करना है।
फिलहाल, आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्य और संबंधित पक्षों का जवाब यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

