मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री और फिल्ममेकर पूजा भट्ट ने अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। एक समय हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सफल अभिनेत्रियों में शुमार रहीं पूजा भट्ट ने बताया कि शादी टूटने के दर्द और मानसिक तनाव ने उन्हें शराब की लत की ओर धकेल दिया था। हालांकि बाद में पिता महेश भट्ट के एक संदेश ने उनकी सोच बदल दी और उन्हें इस आदत से बाहर निकलने की प्रेरणा मिली।
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान पूजा भट्ट ने अपनी निजी जिंदगी के उस मुश्किल दौर को याद किया, जब उनकी शादी टूटने की कगार पर थी। उन्होंने बताया कि पति मनीष मखीजा के साथ उनका 11 साल पुराना रिश्ता खत्म होने की ओर बढ़ रहा था और इस स्थिति ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था। पूजा ने कहा कि उस समय वह अपनी भावनाओं और दर्द से निपटने के लिए शराब का सहारा लेने लगी थीं।
पूजा भट्ट ने बताया कि वह पहले केवल सामाजिक अवसरों पर ही शराब पीती थीं, लेकिन वर्ष 2014 में जब उन्हें एहसास हुआ कि उनकी शादी बच पाना मुश्किल है, तब उनकी शराब पीने की आदत बढ़ने लगी। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों तक उन्होंने जरूरत से ज्यादा शराब का सेवन किया और उन्हें लगता था कि इससे उनका दर्द कम हो जाएगा।
अभिनेत्री ने कहा, “जब कोई लंबा रिश्ता टूटता है तो वह किसी शोक या मृत्यु जैसा अनुभव होता है। मैं अपनी भावनाओं को स्वीकार नहीं कर पाई। मैंने खुद को यह समझाने की कोशिश की कि मैं ठीक हूं, जबकि अंदर से मैं पूरी तरह टूट चुकी थी। लोगों को भी यही दिखा कि मैं सामान्य हूं, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग थी।”
पूजा ने माना कि उस समय शराब उनके लिए एक अस्थायी सहारा बन गई थी, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि यह समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि शराब दर्द को खत्म नहीं करती, बल्कि कई बार इंसान को और अधिक आक्रामक और भावनात्मक रूप से कमजोर बना देती है। उनके शब्दों में, “मैं आग को पेट्रोल से बुझाने की कोशिश कर रही थी।”
इसी दौरान उनकी जिंदगी में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया। पूजा भट्ट ने बताया कि उनके पिता और मशहूर फिल्मकार महेश भट्ट के एक संदेश ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। उस संदेश ने उन्हें आत्मचिंतन करने और अपनी जिंदगी को नए नजरिए से देखने की प्रेरणा दी। इसके बाद उन्होंने शराब छोड़ने का फैसला किया और धीरे-धीरे खुद को मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाया।
आज पूजा भट्ट न केवल शराब से पूरी तरह दूर हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और आत्मस्वीकृति को लेकर भी खुलकर बात करती हैं। वह अक्सर लोगों को यह संदेश देती हैं कि कठिन परिस्थितियों से भागने के बजाय उनका सामना करना चाहिए।
पूजा भट्ट की यह कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो जीवन में किसी व्यक्तिगत संकट, रिश्तों के टूटने या मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति, परिवार का समर्थन और सही मार्गदर्शन किसी भी मुश्किल दौर से बाहर निकलने में मदद कर सकता है।
फिलहाल पूजा भट्ट अपने काम और निजी जीवन में संतुलन बनाकर आगे बढ़ रही हैं और अपनी इस यात्रा के अनुभवों को दूसरों के साथ साझा कर उन्हें प्रेरित भी कर रही हैं।

