युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इन दिनों अपने प्रदर्शन को लेकर चर्चा में हैं। श्रीलंका में चल रही ट्राई सीरीज में उनका बल्ला अब तक पूरी तरह से खामोश नजर आया है। हालांकि बीच-बीच में उन्होंने कुछ रन जरूर बनाए हैं, लेकिन वह बड़ी और प्रभावशाली पारियां खेलने में सफल नहीं हो पाए हैं, जिसकी उनसे उम्मीद की जा रही थी।
इसके बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने वैभव सूर्यवंशी को आगामी टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए टीम इंडिया में शामिल किया है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली इस टी20 सीरीज में उनके संभावित डेब्यू को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। चयन के बाद उनके प्रदर्शन पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
ट्राई सीरीज में लगातार संघर्ष
भारत ए टीम इस समय श्रीलंका में ट्राई नेशन सीरीज खेल रही है, जिसमें श्रीलंका और अफगानिस्तान की टीमें भी शामिल हैं। अब तक खेले गए तीन मुकाबलों में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है।
पहले मैच में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 12 गेंदों पर 14 रन बनाए, जिसमें तीन चौके शामिल थे। दूसरे मैच में अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने थोड़ी बेहतर बल्लेबाजी की और 22 गेंदों पर 44 रन बनाए, जिसमें नौ चौके शामिल थे। हालांकि यह पारी भी मैच को पूरी तरह प्रभावित करने वाली नहीं रही।
तीसरे मुकाबले में फिर श्रीलंका के खिलाफ उनका प्रदर्शन साधारण रहा और वे 14 गेंदों पर 21 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इस पारी में उन्होंने तीन चौके और एक छक्का लगाया। तीन मैचों को मिलाकर उन्होंने कुल 79 रन बनाए हैं, लेकिन कोई भी बड़ी पारी उनके बल्ले से नहीं निकल पाई है।
आईपीएल से इंटरनेशनल क्रिकेट तक की उम्मीदें
आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा माना जा रहा था। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और तेज रन बनाने की क्षमता ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया था। यही कारण है कि उन्हें जल्द ही टी20 इंटरनेशनल टीम में जगह मिल गई।
बीसीसीआई ने उन्हें आयरलैंड के खिलाफ होने वाली दो टी20 मैचों की सीरीज और इंग्लैंड के खिलाफ संभावित टी20 सीरीज के लिए टीम में शामिल किया है। माना जा रहा है कि इन्हीं सीरीज में उन्हें इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिल सकता है।
चयन पर उठ रहे सवाल
हालांकि ट्राई सीरीज में लगातार औसत प्रदर्शन के बाद उनके चयन को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वनडे और ए-लेवल क्रिकेट में अभी तक उनकी स्थिरता देखने को नहीं मिली है। ऐसे में सीधे इंटरनेशनल टी20 टीम में मौका देना जल्दबाजी हो सकता है।
कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि टी20 फॉर्मेट में वैभव की आक्रामक शैली जरूर फिट बैठ सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव में प्रदर्शन करना उनके लिए असली परीक्षा होगी।
आगे की राह
अब सभी की निगाहें आने वाली टी20 सीरीज पर टिकी हैं, जहां वैभव सूर्यवंशी के पास खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा। अगर वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहते हैं, तो भारतीय क्रिकेट में उनका भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। वहीं असफलता की स्थिति में उन पर चयन को लेकर और भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
फिलहाल, क्रिकेट फैंस और चयनकर्ता दोनों ही उनके प्रदर्शन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

