28 Jul 2026, Tue

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा, प्रियंका गांधी ने कहा- क्या जरूरत थी मासूम छात्रों पर लाठियां चलाने की

नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र में पिछले कई दिनों से जारी गतिरोध के बाद मंगलवार को लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा शुरू हो गई। छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता से जुड़े इस अहम विधेयक पर शुरुआती तौर पर छह घंटे की चर्चा तय की गई है। हालांकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि यदि सदन की सहमति बनी तो चर्चा का समय बढ़ाया भी जा सकता है। सरकार इस विधेयक को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और नकल माफिया पर सख्त कार्रवाई की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष का कहना है कि केवल कानून बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

पिछले सप्ताह नीट पेपर लीक मामले और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में लगातार हंगामा देखने को मिला था। विपक्ष की मांग थी कि सरकार इस मुद्दे पर जवाब दे और जिम्मेदारी तय करे। कई दौर की बैठकों के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति बनी, जिसके बाद सदन की कार्यवाही सामान्य हो सकी और बिल पर चर्चा शुरू हुई।

चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के छात्र आंदोलनों में युवाओं के साथ अन्याय हुआ और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई। प्रियंका गांधी ने कहा कि देश के लाखों छात्र मेहनत से परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक होने से उनका भरोसा टूट रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को सड़क से हटाया जा सकता है, लेकिन उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में युवाओं का विश्वास जीतना चाहती है तो केवल प्रचार या वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार करने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को नई शिक्षा नीति और परीक्षा प्रणाली पर सभी पक्षों के साथ व्यापक चर्चा करनी चाहिए।

बहस के दौरान प्रियंका गांधी ने पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का भी जिक्र किया और कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाओं के बाद इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन बाद में उनका जिस तरह स्वागत किया गया, वह गलत संदेश देता है। इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया।

प्रियंका गांधी की कुछ टिप्पणियों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विरोध दर्ज कराया। किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसद से अपने बयान पर माफी मांगने की मांग की, जबकि प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यदि लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण नहीं है तो उन्हें बयान वापस लेना चाहिए। इसके बाद कुछ समय तक सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

सरकार का कहना है कि नया संशोधन विधेयक परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक और संगठित नकल गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। वहीं विपक्ष का तर्क है कि केवल सख्त कानून पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं में जवाबदेही, पारदर्शिता और तकनीकी सुधार भी जरूरी हैं।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि लंबी चर्चा के बाद सरकार विपक्ष की चिंताओं का किस तरह जवाब देती है और क्या इस विधेयक में किसी प्रकार के संशोधन किए जाते हैं। यह बहस केवल एक कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से भी जुड़ी हुई मानी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *