सुबह के समय घास पर नंगे पैर टहलना लंबे समय से पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों में लाभकारी माना जाता रहा है। अब इस विषय पर हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. आलोक चोपड़ा की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। उन्होंने दावा किया है कि रोजाना 15 से 30 मिनट तक घास, मिट्टी या रेत पर नंगे पैर चलना तनाव कम करने, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाने और दिल की सेहत को समर्थन देने में मदद कर सकता है।
डॉ. चोपड़ा ने अपनी पोस्ट में “धरती से दोबारा जुड़ें” संदेश के साथ बताया कि प्रकृति के सीधे संपर्क में रहना शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी हो सकता है। हालांकि, इस विषय पर वैज्ञानिक शोध अभी सीमित हैं और उपलब्ध साक्ष्य सभी दावों को स्पष्ट रूप से साबित नहीं करते।
नंगे पैर चलने से शरीर में क्या हो सकता है?
डॉ. चोपड़ा के अनुसार, जब नंगे पैर जमीन के सीधे संपर्क में आते हैं तो शरीर में मौजूद अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल चार्ज धरती में डिस्चार्ज हो सकता है। इसे कुछ लोग “अर्थिंग” या “ग्राउंडिंग” कहते हैं। उनका कहना है कि इससे शरीर के प्राकृतिक इलेक्ट्रिकल संतुलन को बनाए रखने में मदद मिल सकती है और कोशिकाओं के सामान्य कार्य में सहयोग मिल सकता है।
उन्होंने रिपोलराइजेशन की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया, जिसमें कोशिकाएं अपनी सामान्य इलेक्ट्रिकल स्थिति में लौटती हैं। उनके अनुसार, लाल रक्त कोशिकाओं की सामान्य इलेक्ट्रिकल स्थिति ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने में सहायक हो सकती है। हालांकि, इस तंत्र और नंगे पैर चलने के बीच प्रत्यक्ष संबंध को लेकर वैज्ञानिक समुदाय में अभी स्पष्ट सहमति नहीं है।
संभावित फायदे
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सुरक्षित वातावरण में नंगे पैर चला जाए तो इसके कुछ संभावित लाभ हो सकते हैं:
- तनाव और मानसिक दबाव में कमी महसूस हो सकती है।
- मन को शांति और आराम मिल सकता है।
- प्रकृति के संपर्क में रहने से मूड बेहतर हो सकता है।
- ध्यान केंद्रित करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
- कुछ लोगों को नींद की गुणवत्ता में सुधार महसूस हो सकता है।
- नियमित हल्की शारीरिक गतिविधि से समग्र स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है।
इन लाभों का एक हिस्सा प्रकृति में समय बिताने, हल्की एक्सरसाइज करने और तनाव कम होने से भी जुड़ा हो सकता है।
दिल की सेहत से क्या है संबंध?
कार्डियोलॉजिस्ट का मानना है कि तनाव कम होना, मानसिक शांति और नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक कारक हो सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति रोजाना कुछ समय पैदल चलता है, तो इससे रक्त संचार, फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, यह कहना कि केवल नंगे पैर चलने से दिल की बीमारी का जोखिम कम हो जाएगा, वैज्ञानिक रूप से अभी निर्णायक रूप से स्थापित नहीं है।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
डायबिटीज, पैरों में सुन्नपन, नसों की समस्या, खुले घाव, संक्रमण या कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को नंगे पैर चलने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। कांच, पत्थर, कील या अन्य तेज वस्तुओं वाले स्थानों पर नंगे पैर चलना चोट और संक्रमण का कारण बन सकता है।
निष्कर्ष
घास या मिट्टी पर सीमित समय तक नंगे पैर चलना कई लोगों के लिए आरामदायक और मानसिक रूप से सुकून देने वाला अनुभव हो सकता है। यदि इसे सुरक्षित वातावरण में किया जाए और नियमित पैदल चलने जैसी स्वस्थ जीवनशैली की आदतों के साथ जोड़ा जाए, तो समग्र स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है। हालांकि, इसे हृदय रोग का उपचार या वैज्ञानिक रूप से सिद्ध चमत्कारी उपाय मानना उचित नहीं होगा। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और चिकित्सकीय सलाह के साथ ही दिल की सेहत का बेहतर ध्यान रखा जा सकता है।

