रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूरोप में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने रूस को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने आशंका जताई है कि रूस यूक्रेन का समर्थन करने वाले यूरोपीय देशों और खास तौर पर NATO के पूर्वी हिस्से में मौजूद देशों को ड्रोन या मिसाइलों के जरिए निशाना बना सकता है। टस्क के मुताबिक, रूस किसी संभावित हमले के बाद उसे महज एक ‘दुर्घटना’ बताकर NATO की एकजुटता को कमजोर करने की कोशिश कर सकता है।
NATO के पूर्वी हिस्से को लेकर जताई चिंता
पोलिश संसद में दिए गए एक भाषण के दौरान डोनाल्ड टस्क ने कहा कि मौजूदा हालात में सबसे बड़ा खतरा इस बात का है कि ड्रोन या मिसाइल NATO के पूर्वी हिस्से में स्थित एक या कई देशों के क्षेत्र में पहुंच जाएं और वहां नुकसान हो। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति यूरोपीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
टस्क का कहना है कि रूस की रणनीति का एक हिस्सा यह हो सकता है कि किसी घटना के बाद वह इसे जानबूझकर किया गया हमला मानने से इनकार कर दे। रूस की ओर से यह कहा जा सकता है कि ड्रोन या मिसाइल गलती से NATO के क्षेत्र में पहुंच गए। ऐसी स्थिति में सैन्य गठबंधन के सामने तत्काल जवाब देने को लेकर जटिल स्थिति पैदा हो सकती है।
‘दुर्घटना’ बताकर प्रतिक्रिया कमजोर करने की आशंका
पोलैंड के प्रधानमंत्री के अनुसार, यदि NATO के किसी सदस्य देश में इस तरह की घटना होती है और उसे दुर्घटना के तौर पर पेश किया जाता है, तो गठबंधन के अन्य देशों के लिए तुरंत प्रतिक्रिया देने का राजनीतिक और सैन्य दबाव अलग तरह का हो सकता है। उनका मानना है कि इसी तरह की अनिश्चितता NATO की सामूहिक प्रतिक्रिया को कमजोर करने की कोशिश का हिस्सा बन सकती है।
टस्क ने यह भी संकेत दिया कि यूक्रेन के लिए जरूरी सैन्य और अन्य आपूर्ति पहुंचाने वाली लाइनों पर भी खतरा बना हुआ है। पोलैंड यूक्रेन तक पहुंचने वाली सहायता के लिए महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है, इसलिए क्षेत्र में किसी भी तरह की सुरक्षा चुनौती का असर व्यापक स्तर पर पड़ सकता है।
पोलैंड की सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी युद्ध के कारण पोलैंड सहित NATO के पूर्वी हिस्से के देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। पोलैंड की भौगोलिक स्थिति उसे इस पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण बनाती है। ऐसे में वहां की सरकार लगातार अपनी सुरक्षा व्यवस्था और NATO के साथ सहयोग को लेकर जोर देती रही है।
अमेरिका की ओर से भी पोलैंड में सैन्य मौजूदगी को लेकर संकेत दिए गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पोलैंड में स्थायी अमेरिकी सैन्य अड्डा स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
यूक्रेन युद्ध के बीच बढ़ी सतर्कता
रूस-यूक्रेन संघर्ष का असर अब केवल युद्ध क्षेत्र तक सीमित रहने की आशंका नहीं जताई जा रही है। NATO देशों की सीमाओं के आसपास होने वाली घटनाओं को लेकर लगातार सतर्कता बरती जा रही है। पोलैंड की ओर से सामने आई यह चेतावनी इसी व्यापक सुरक्षा चिंता को दर्शाती है।
हालांकि, रूस की ओर से किसी NATO देश पर जानबूझकर ड्रोन या मिसाइल हमला करने की ऐसी योजना की पुष्टि इस बयान से नहीं होती। फिलहाल टस्क की टिप्पणी एक संभावित खतरे को लेकर चेतावनी के रूप में सामने आई है। आने वाले दिनों में यूरोप की सुरक्षा स्थिति और रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी रहेगी।

